नई दिल्ली: अमर सिंह को समाजवादी पार्टी से राज्यसभा का टिकट मिलने पर यूपी के कैबिनेट मंत्री आजम खान का दर्द सामने आ गया। आजम ने कहा कि मुलायम सिंह यादव पार्टी के मालिक हैं और उनके फैसले के आगे किसी का कोई अधिकार नहीं बनता है।
अमर सिंह के सपा में वापस आने पर उनके धुर विरोधी कहे जाने वाले आजम खान ने पार्टी में उनकी वापसी को दुखद प्रकरण बताया। अमर सिंह की पार्टी में वापसी और राज्यसभा भेजे जाने के बाद आजम रामपुर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि जहां तक इस मामले में मैं समझता हूँ कि ये एक दुखद प्रकरण है लेकिन नेता जी पार्टी के मालिक है। लिहाजा मालिक के फैसले के आगे किसी का कोई अधिकार नहीं बनता है।
किसी समय में मुलायम सिंह के सबसे करीबी रहे अमर सिंह को 2010 में पार्टी से निकाल दिया गया था। हालांकि इस बार भी अमर सिंह के लिए राह आसान नहीं है। समाजवादी पार्टी के सीनियर नेता और अमर सिंह के पुराने विरोधी आजम खान ने एक बार फिर उनका विरोध किया है। इतना ही नहीं अमर सिंह के विरोध में मुलायम सिंह के भाई राम गोपाल यादव भी हैं। अमर सिंह का समाजवादी पार्टी से जुड़ने का औपचारिक ऐलान बाद में किया जाएगा।
मुलायम सिंह ने अमर सिंह को समाजवादी पार्टी का राज्यसभा का टिकट दे दिया। यूपी से राज्यसभा की 11 सीटें खाली हुई हैं, जिनमें से छह सीट आसानी से जीतने भर के लिए सपा के पास वोट हैं। कहते हैं कि पार्टी की संसदीय बोर्ड की मीटिंग में मुलायम के भाई रामगोपाल यादव और मंत्री आजम खान ने अमर सिंह का विरोध किया लेकिन मुलायम के आगे उनकी नहीं चली।
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