नई दिल्ली: बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने मोदी सरकार की पहली सालगिराह पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बुकलेट जारी कर कहा कि, 10 साल बाद फटाफट फैसले लेनेवाली सरकार आई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी साफ किया कि 'राम मंदिर' जैसे बीजेपी के कोर मुद्दों पर सरकार इसलिए काम नहीं कर पा रही, क्योंकि इसके लिए पर्याप्त बहुमत नहीं है।'
अमित शाह से पूछा गया कि बीजेपी के कार्यकर्ता और समर्थक इस सरकार से राम मंदिर जैसे 'कोर मुद्दों' पर काम चाहते हैं, जो कि हो नहीं रहे। इस पर अमित शाह ने कहा, 'सरकार को अब भी इतना बहुमत नहीं मिला है, जितना कोर मुद्दे पर का करने के लिए होना चाहिए। आपको पता होना चाहिए कि सरकार को इसके लिए लोकसभा में 370 सीटें चाहिए। संविधान पढ़ लीजिए।'
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा, 'यह सरकार विजिबल सरकार है यानी सबको यह दिख रही है। मगर इससे पहले की सरकार को ढूंढना पड़ता था। अब मीडिया भी सरकार की मदद के लिए ऐक्टिव दिखता है। मेरी राय में सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि अब ब्यूरोक्रेसी को कैबिनेट और प्रधानमंत्री पर भरोसा है।
शाह ने कहा कि केंद्र सरकार काले धन के मुद्दे का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले की यूपीए सरकार इस समस्या को हल करने में असफल रही थी। शाह ने कहा, 'काले धन के मुद्दे पर हमारी आलोचना करते हैं, लेकिन पिछले 60 सालों में कांग्रेस ने क्या किया? सत्ता में आने के बाद हमारा तो पहला कदम ही काले धन के खिलाफ था।
अमित शाह ने कहा कि जीरो लॉस थिअरी देने वालों को एक बार फिर सामने आाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने अब तक अच्छा काम किया है और इस दौरान कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ है।
सरकार की अन्य उपलब्धियों को गिनाते हुए शाह ने आखिर 'गिव इट अप' का नारा दोहराते हुए कहा कि समर्थ लोगों को सब्सिडी छोड़ देनी चाहिए।
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