नयी दिल्ली: राज्यसभा में गतिरोध के कारण कई महत्वपूर्ण विधेयकों के अटके होने के बीच सभापति हामिद अंसारी ने आज सर्वदलीय बैठक बुलायी है, वहीं सरकार ने कहा है कि वह सहयोग करने को राजी है किन्तु यदि विपक्षी सदस्यों ने गतिरोध कायम रखा तो आसन को कार्रवाई करनी चाहिए। संसद भवन में होने वाली इस बैठक में माना जा रहा है कि सभापति सभी दलों से सदन में सामान्य कामकाज चलने देने की अपील कर सकते हैं। अंसारी सदन में चल रहे गतिरोध पर कई बार अपनी अप्रसन्नता व्यक्त कर चुके हैं। इस बीच संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि आसन को यह देखना चाहिए कि सदन में समुचित ढंग से कामकाज हो।
उन्होंने कहा, सरकार कोई भी सहयोग देने को तैयार है किन्तु यदि कोई अड़चन डालने के लिए तुल गया हो और वे इसे नियमित आधार पर करते हैं तो आसन को आवश्यक कदम उठाने चाहिए। यह पूछे जाने पर कि आसन को कौन सा विशेष कदम उठाना चाहिए तो उन्होंने कहा कि वह यह नहीं बतायेंगे कि आसन को कया करना चाहिए। आसन अपनी जिम्मेदारियां और अपने अधिकार समझता है। नायडू ने कहा, हमने इसे कई बार देखा है। राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक कैसे पारित हुआ था। राज्यसभा में तेलंगाना विधेयक कैसे पारित हुआ था। समूचे राष्ट्र ने उसे देखा था।
उन्होंने कहा, राष्ट्रपति ने भी यह कहा है कि चर्चा, बहस और फिर निर्णय। वह इसे लगातार कह रहे हैं। बाधा मत पैदा करिये। आसन भी यही कहता रहा है। लेकिन महत्वपूर्ण है कि कहीं न कहीं जा कर आसन को कदम उठना होगा...यदि वे कहते हैं कि हम सदन में कामकाज नहीं होने देंगे तो इससे देश और लोकतंत्र का नाम खराब होगा। नायडू ने लोकसभा एवं राज्यसभा के बीच तुलना करते हुए कहा कि एक सदन जहां भाजपा का बहुमत है वह सामान्य ढंग से काम कर रहा है और जहां कांगे्रस का बहुमत है, उस अन्य सदन में गतिरोध सामान्य बात हो गयी है।
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