ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार एक बार फिर मुश्किल में आ गई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू समेत 44 विधायकों ने कांग्रेस को छोड़ पीपल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल प्रदेश (PPA) में शामिल हो गए हैं। अब कांग्रेस में सिर्फ पूर्व मुख्यमंत्री नबाम तुकी ही बचे हैं। अरुणाचल प्रदेश में जनवरी 2016 से ही विवाद चल रहा है और तबसे लेकर अब तक प्रशासन कभी स्थिर नहीं रह पाया है।
अरुणाचल के सीएण पेमा खांडू ने 44 विधायकों सहित पीपीए में विलय की घोषणा की। पीपल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल का गठन 1979 में हुआ था। यह एक क्षेत्रीय पार्टी है और इसका प्रभाव अरुणाचल प्रदेश तक ही सीमित हैं। इसके पहले प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कलिखो पुल ने भी फरवरी 2016 में कांग्रेस का साथ छोड़ कर पीपीए जॉइन कर ली थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद पुल को मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा था और इसके कुछ ही दिन बाद मुख्यमंत्री आवास में पुल ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।
अब पेमा खांडू और उनके समर्थक विधायकों के PPA जॉइन करने के बाद यह पार्टी फिर से उत्तर-पूर्व लोकतांत्रिक गठबंधन का हिस्सा हो जाएगी। इस गठबंधन को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मई 2016 में बनाया था। फिलहाल बीजेपी विधायक हेमंत बिस्वा शर्मा इस गठबंधन का नेतृत्व कर रहे हैं।
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