नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनकी सरकार एप आधारित टैक्सी सेवा के खिलाफ नहीं हैं। ऑनलाइन एप आधारित कैब सेवा उबर ने यात्रियों के लिए टैक्सी की कमी के लिए आप सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। केजरीवाल ने ट्वीट की झड़ी लगाते हुए कहा, "हम एप आधारित टैक्सी सेवा के खिलाफ नहीं हैं। हम उनका पूरा समर्थन करते हैं। वे लोगों को अहम सेवा उपलब्ध कराते हैं, लेकिन उन्हें कानून का पालन करना होगा।"
उन्होंने कहा, "जरूरत से ज्यादा किराया लेना, डीजल कार, बिना लाइसेंस/बिल्ले वाले ड्राइवर और टैक्सी सेवा प्रदाताओं की ब्लैकमेलिंग नहीं चलेगी।"
आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक केजरीवाल ने सोमवार को टैक्सी ऑपरेटरों को किराया बढ़ाने की शिकायतें मिलने के बाद सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी। ऑनलाइन एप आधारित टैक्सी सेवा प्रदाता कंपनी जैसे उबर व ओला ने इस चेतावनी के बाद किराये में बढ़ोतरी करना बंद कर दिया है।
केजरीवाल ने टैक्सी सेवा प्रदाता कंपनी द्वारा किराया बढ़ाने को 'दिनदहाड़े लूट' करार दिया और कंपनियों पर राज्य की सरकार को खुलेआम ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा, "बढ़ा किराया दिनदहाड़े लूट है। कोई भी जिम्मेदार सरकार इसकी इजाजत नहीं देगी।"
बता दें की दिल्ली के परिवहन मंत्री गोपाल राय ने कहा था कि सोमवार को जरूरत से ज्यादा किराया वसूलने की वजह से ओला व उबर की 18 टैक्सियां जब्त कर ली गईं।
उबर की ओर से मंगलवार को एक मैसेज दिया गया, जिसमें लिखा गया, "प्रिय सवारियों, अगर आपको कोई कार उपलब्ध न हो या देर तक इंतजार करना पड़े, तो समझ लीजिएगा कि यह बढ़े किराए पर निलंबित किए जाने की वजह से है। किराया बढ़ोतरी सुनिश्चित करती है कि कार हर समय उपलब्ध हो।"
दिल्ली में ऑड-ईवन यातायात फॉर्मूला लागू होने के चलते टैक्सियों की मांग बढ़ गई है। ऑड-ईवन फॉर्मूला 30 अप्रैल तक अमल में रहेगा।
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