लखनउ: उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने कहा है कि वह विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय द्वारा अपने दो दामादों की विधानसभा सचिवालय में उच्च पदों पर कथित तौर पर गलत तरीके से नियुक्त कराने के मामले में तथ्यों का पता लगवाएंगे।
नाईक ने आज यहां संवाददाताओं से कहा, मुझे इस मामले में दो दिन पहले ही शिकायत मिली है। फिलहाल मैं बाहर जा रहा हूं लौटने पर तथ्यों का पता करूंगा।
सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने राज्यपाल राम नाईक को दो दिन पहले भेजी शिकायत में आरोप लगाया है कि विधानसभा अध्यक्ष ने बेहद गुपचुप तरीके से 22 मार्च 2013 को अपने बड़े दामाद प्रदीप मिश्र को सम्पादक के पद पर जबकि 12 मई 2015 को अपने छोटे दामाद नरेन्द्र शंकर पाण्डेय को विधानसभा में विशेष कार्याधिकारी (OSD) के पद पर नियुक्त कराया।
नूतन ने आरोप लगाया है कि इन पदों पर नियुक्ति के लिये ना तो कोई विग्यापन प्रकाशित कराया गया और ना ही न्यूनतम योग्यता के दायरे का ही ख्याल किया गया। यहां तक कि नरेन्द्र पाण्डेय का पता भी खुद विधानसभाध्यक्ष के विधायक के रूप में आबंटित मकान का दिखाया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता ने इसे पद के दुरपयोग का गम्भीर मामला बताते हुए मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। बहरहाल, इस मामले पर टिप्पणी करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष उपलब्ध नहीं थे।
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