नई दिल्ली: अगस्त 2011 के बाद आज वायदा बाजार में सोने की कीमतों में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। सोमवार के कारोबार में MCX पर सोने ने 500 रुपए से ज्यादा की गिरावट के साथ 25000 के एक अहम स्तर को भी तोड़ दिया। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत 5 साल के निचले स्तर पर है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत टूटने की मुख्य वजह चीन के शंघाई गोल्ड एक्सचेंज की तरफ से 5 टन सोने की भारी बिकवाली को माना जा रहा है। साथ ही डॉलर इंडेक्स की मजबूती के चलते सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है।
सोने की कीमतों में गिरावट के ये हैं कारण
- चीन के शंघाई गोल्ड एक्सचेंज की तरफ से बाजार में 5 टन से ज्यादा सोने की बिकवाली की गई जिसकी वजह से सोने की कीमतों में एकाएक गिरावट देखने को मिली।
- अमेरिका के COMMODITY FUTURE TRADING COMMISION की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक 14 जुलाई तक करीब 39 फीसदी पोजीशन कम की गई हैं। सीधे शब्दों में समझें तो सीएफटीसी की ओर से सोने में भारी बिकवाली की गई है जिसकी वजह से कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है।
- लंबे समय बाद एक बार फिर से डॉलर इंडेक्स ने 98 का स्तर तोड़ा है जिसकी वजह से सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है।
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में भारी गिरावट का असर भारतीय बाजारों में भी देखने को मिल रहा है। जिसकी वजह से आज घरेलू वायदा बाजार में भी सोने की कीमतें सोमवार की सुबह 25000 के नीचे पहुंच गई।
- विशेषज्ञ मान रहे हैं कि 1 अगस्त से अगर देश में गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम शुरु हो जाती है तो बाजार से सोने का स्टॉक बढ़ जाएगा जिससे कीमतों में गिरावट का रुझान देखने को मिल सकता है।
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