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कांग्रेस जिसे छिपा रही थी वो सामने आ गया: जावड़ेकर

नई दिल्ली: कांग्रेस के लिए आज उस वक्त शर्मिंदगी और असहज स्थिति पैदा हो गई जब उसी के मुखपत्र ने जवाहरलाल नेहरू की चीन नीति पर सवाल खड़े किए और सोनिया गांधी के पिता को

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नई दिल्ली: कांग्रेस के लिए आज उस वक्त शर्मिंदगी और असहज स्थिति पैदा हो गई जब उसी के मुखपत्र ने जवाहरलाल नेहरू की चीन नीति पर सवाल खड़े किए और सोनिया गांधी के पिता को फासीवादी सैनिक करार दिया। इस मामले को लेकर पार्टी की मुंबई इकाई के अध्यक्ष संजय निरूपम ने माफी मांगी और संपादकीय प्रभारी को बर्खास्त कर दिया गया।

कांग्रेस के सियासी जख्मों को कुदेरते हुए केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने निरूपम को बधाई दी और कहा कि निरूपम इस तरह के लेखों के लिए जाने जाते थे, जब वह शिवसेना के मुखपत्र के हिंदी संस्करण दोपहर का सामना के संपादक हुआ करते थे।

जावड़ेकर ने कहा, कांग्रेस के जिस मुखपत्र का नाम कांग्रेस दर्शन है उसे सत्यार्थ दर्शन कहा जाना चाहिए। यह महत्वपूर्ण है कि यह सब पार्टी के 131वें स्थापना दिवस पर आया है। प्रधानमंत्री बनने को लेकर सरदार पटेल को कांग्रेस में अधिकतम समर्थन हासिल था, लेकिन गांधी जी ने नेहरू का नाम प्रस्तावित किया और पटेल को पीछे छोड़ दिया।

जावड़ेकर ने कहा, 'पटेल ने 562 सूबों का भारत में विलय कराया तथा नेहरू सिर्फ कश्मीर के प्रभारी थे और यह समस्या बनी रही। पटेल ने तिब्बत पर चीन के विश्वासघात को लेकर आगाह किया था।...यह भाजपा अथवा जावड़ेकर का कथन नहीं, बल्कि कांग्रेस के मुखपत्र का है। कांग्रेस जिसे छिपा रही थी वो सामने आ गया। मैं संजय निरूपम को बधाई देता हूं।'

उधर, कांग्रेस ने मुंबई में अपने निष्क्रिय पड़े इस मुखपत्र से दूरी बना ली। पार्टी प्रवक्ता टाम वडक्कन ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, ‘इस प्रकाशन से हमारा कोई लेना देना नहीं है। यह एक निष्क्रिय पत्रिका है जो फिर से जीवित होने की कोशिश कर रही है। यह हमारा मुखपत्र नहीं है। यह पत्रिका कांग्रेस से जुड़ी हुई नहीं है।’

वडक्कन ने पत्रिका के संपादक को बर्खास्त करने की निरूपम की कार्रवाई से पार्टी को अलग कर लिया और कहा कि अपनी निजी हैसियत से उन्होंने जो कुछ किया है यह उनकी जिम्मेदारी है। अपनी व्यक्तिगत हैसियत से वह किसी पत्रिका के संपादक हो सकते हैं और किसी कर्मचारी को रखने या हटाने के बारे में निर्णय कर सकते हैं। पार्टी का इससे कुछ लेना देना नहीं है।

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