नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्यसभा में कांग्रेस पार्टी के वर्चस्व के 65 साल के इतिहास को तोड़ दिया है। जैसे ही मध्य प्रदेश के सम्पतिया उइके ने राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण की, राज्यसभा में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बन गई। राज्यसभा की यह सीट केंद्रीय मंत्री अनिल माधव दवे के निधन के कारण खाली हुई थी। मादी सरकार के केंद्र की सत्ता में आने के बाद यह पहली बार है जब भाजपा राज्यसभा में नंबर एक की पार्टी बनी है। हालांकि भाजपा के नेतृत्व वाला राजग ऊपरी सदन में अब भी निर्णायक बहुमत से दूर है, लेकिन जदयू के सत्तारूढ़ खेमे में आने के बाद से इसकी संख्या में इजाफा हुआ है। ये भी पढ़ें: दलालों के चक्कर में न पड़ें 60 रुपए में बन जाता है ड्राइविंग लाइसेंस
बता दें कि 2014 में हुए आम चुनाव को जीतकर भाजपा पहले ही लोकसभा में बड़ी पार्टी बनी हुई है। लोकसभा में भाजपा के पास 281 सांसद हैं। कांग्रेस 45 सांसदों के साथ दूसरे नंबर पर है। तीसरे और चौथे नंबर पर क्रमशः तमिलनाडु की दो पार्टियां एआईएडीएमके और डीएमके है।
कांग्रेस 2018 तक सबसे ज्यादा सदस्यों वाली पार्टी राज्यसभा में रहती लेकिन उसके दो सदस्यों की मृत्यु के बाद संख्या कम हो गई। इसी महीने राज्यसभा की 9 सीटों के लिए चुनाव भी होने हैं। इनमें से 6 पश्चिम बंगाल से हैं और तीन गुजरात से हैं। इस चुनाव से भाजपा की बढ़त पर कोई असर नहीं पड़ेगा। भाजपा को उम्मीद है कि वह दो सीटें गुजरात की जीत जाएगी और तीसरी सीट पर वह कांग्रेस के अहमद पटेल को जीतने नहीं देना चाहती।
राज्यसभा में दलगत स्थिति ये है....
भाजपा-58, कांग्रेस-57, समाजवादी पार्टी-18, एआईएडीएमके-13, तृणमूल कांग्रेस-12, जनता दल (यू)-10, बीजेडी-8, सीपीआई (एम)-8, मनोनीत सदस्य-8, बीएसपी-5, अन्य-46 और 2 पद रिक्त हैं।
भाजपा को अगले साल राज्यसभा में काफी फायदा होने वाला है। उत्तर प्रदेश की 9 में से आठ सीटों पर भाजपा के जीतने की उम्मीद है क्योंकि पार्टी ने हाल ही में राज्य में हुए चुनाव में बहुत बड़ी जीत हासिल की है। लोकसभा में पार्टी को बहुमत जरूर है लेकिन राज्यसभा में सहयोगी दलों की ओर बहुमत के लिए देखना पड़ता है।
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