नई दिल्ली। लॉकडाउन की शर्तों में ढील दिए जाने पर कांग्रेस पार्टी केंद्र सरकार पर निशाना साध रही हैं और पूछ रही है कि देश में जब कोरोना वायरस के मामले बहुत कम थे तो प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे देश में लॉकडाउन लागू कर दिया था और देश में अब मामले 70000 के पार हो चुके हैं तो लॉकडाउन में छूट दी जा रही है। कांग्रेस पार्टी के नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इंडिया टीवी के शो के दौरान भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता प्रेम शुक्ल से यह सवाल पूछा।
प्रमोद कृष्णम के सवाल के जवाब में भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ल ने कहा कि देश में जब कोरोना वायरस के 500 मामले सामने आए थे तो लॉकडाउन नहीं लगाया होता तो मौजूदा समय में देश में कोरोना वायरस के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 3.5 लाख को पार कर गई होती। प्रेम शुक्ल ने कहा कि जब देश में लॉकडाउन लागू किया गया था तो हर ढाई दिन में मामले दोगुने हो रहे और लॉकडाउन नहीं रहता तो अबतक स्थिति नियंत्रण से बाहर जा चुकी होती। उन्होंने कहा कि अब देश में कोरोना वायरस के मामले 11 दिन में दोगुने हो रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता ने बताया कि लॉकडाउन का यह फायदा भी हुआ कि सरकार को इस महामारी से लड़ने की तैयारियों का समय मिल सका।
कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए देशभर में पहला लॉकडाउन 25 मई से 14 अप्रैल के दौरान लागू किया गया था, इसके बाद दूसरा लॉकडाउन बढ़ाकर 3 मई तक किया गया और अब तीसरा लॉकडाउन चल रहा है जो 17 मई तक लागू है। हालांकि सरकार ने दूसरे और तीसरे लॉकडाउन में कुछ ढील दी है। अब फिर से संभावना है कि लॉकडाउन आगे बढ़ सकता है लेकिन साथ मे सरकार ढील को भी बढ़ा सकती है।
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