पणजी: कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि गैर कांग्रेसी विधायकों को लुभाने और खरीद-फरोख्त पर भाजपा ने इस सप्ताह गोवा में 1,000 करोड़ रुपये खर्च किए। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव गिरीश चोडनकर ने पणजी से दो बार विधायक निर्वाचित हुए सिद्धार्थ कुनकोलिनकर को गोवा विधानसभा का अस्थायी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि कुनकोलिनकर की निष्पक्षता संदेहास्पद है, क्योंकि वह 2012-2014 के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के राजनीतिक सहायक और संयुक्त सचिव के रूप में काम कर चुके हैं।
चोडनकर ने कहा, "भारतीय जनता पार्टी ने विधायकों को खरीदने के लिए 1,000 करोड़ रुपये खर्च किए।" चोडनकर ने यह आरोप ऐसे समय में लगाया है, जब भाजपा के नेतृत्व वाली गोवा सरकार को गुरुवार को सदन में बहुमत साबित करना है। पर्रिकर को मंगलवार को एक गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई थी।
भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन में भाजपा के 13, गोवा फॉरवर्ड पार्टी और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के तीन-तीन और निर्दलीय तीन विधायक शामिल हैं।
चोडनकर ने यह भी कहा कि भाजपा महासचिव सदानंद शेट तनावडे को खरीद-फरोख्त और विधायकों को दी गई धनराशि की पूरी जानकारी है।
तनावडे से जब फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस निराधार आरोप लगा रही है।
उन्होंने आईएएनएस से कहा, "कांग्रेस इसलिए आरोप लगा रही है, क्योंकि उन्हें पता है कि वे लड़ाई हार चुके हैं। मुझे मेरी पार्टी ने पांच पैसे नहीं दिए हैं।"
भाजपा महासचिव ने कहा, "मुझे तो 1,000 करोड़ रुपये लिखने तक नहीं आता.. मेरे पास एक छोटी-सी कार है।" उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार गुरुवार को विश्वसमत जीत रही है।
कुनकोलिनकर को अस्थायी विधानसभा अध्यक्ष नियुक्त करने के मुद्दे पर चोडनकर ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल के नेता ने राज्यपाल मृदुला सिन्हा से आधिकारिक रूप से शिकायत की है और उनसे उनके निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
Latest India News