नई दिल्ली: पंजाब में दलितों के साथ कथित अत्याचार की घटना के विरोध में प्रदेश की शिरोमणि अकाली दल, भाजपा सरकार को बर्खास्त करने की मांग कर रहे बसपा एवं कांग्रेस के सदस्यों द्वारा आज राज्यसभा में हंगामा किए जाने के कारण कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और पांच बार के स्थगन के बाद बैठक अंतत: पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
सुबह बसपा प्रमुख मायावती ने पंजाब की घटना का मुद्दा उठाया। मायावती ने पंजाब के अबोहर में दलित लड़कों के साथ हुई घटना को दुखद एवं शर्मनाक बताते हुए राज्य की गठबंधन सरकार को बर्खास्त करने और केन्द्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि अबोहर के एक फार्महाउस में दो दलित युवकों के कथित तौर पर शरीर के अंग काट दिए गए।
इसी दौरान बसपा और कांग्रेस के सदस्य आसन के समक्ष आकर नारेबाजी करने लगे। नारेबाजी और हंगामे के बीच ही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने हाल में अपनी इस्लामाबाद यात्रा तथा भारत एवं पाकिस्तान के संबंधों में ताजा घटनाक्रम के बारे में अपनी ओर से सदन में एक बयान पढा।
इसके बाद संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सरकार पंजाब की घटना की कड़े शब्दों में भर्त्सना करती है व दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का समर्थन करती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के मुद्दे को संसद में नहीं उठाया जाना चाहिए। नकवी ने कहा कि राज्य सरकार पर भरोसा किया जाना चाहिए कि वह दोषियों के खिलाफ समुचित कार्रवाई करेगी।
इस बीच सदन में हंगामा जारी रहने पर अप्रसन्नता जताते हुए उपसभापति पी जे कुरियन ने कहा, कुछ लोग सदन को बाधित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण एवं आलोकतांत्रिक है कि कुछ सदस्य सदन को बंधक बनाए हुए है। आपके पास ऐसा करने का कोई औचित्य नहीं है।
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