बेंगलुरू: पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल सेक्युलर के प्रमुख एच. डी. देवेगौड़ा ने शनिवार को कहा कि भारत में कैशलेस एवं डिजिटल अर्थव्यवस्था मुश्किल है और सरकार के नोटबंदी के फैसले के बाद किसानों की स्थिति चिंताजनक हो गई है।
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उन्होंने कहा, ‘नोटबंदी के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों को देखा जाना है। अब तक 40 से 45 दिन हो चुके हैं और उनको :केंद्र सरकार को ही: लग रहा है कि यह आसान कार्य नहीं है।’ नारियल उत्पादकों के साथ बैठक के बाद उन्होंने कहा, ‘नकदी रहित, डिजिटल अर्थव्यवस्था हमारे लिए मुश्किल है।’
उन्होंने कहा कि हालत ये है कि किसानों की स्थिति चिंताजनक हो गई है। वर्ष 1996-1997 में प्रधानमंत्री के अपने कार्यकाल में कालेधन का पता लगाने के लिए स्वैच्छिक प्रकटीकरण योजना (VDS) को लागू करने वाले देवेगौड़ा नरेंद्र मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले के आलोचक रहे हैं।
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