पूर्वांचल के डॉन को मारना चाहता था चांद मिया, दी थी सुपारी
दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 23 जून को आरा कोर्ट में ब्लास्ट करने वाले लंबू शर्मा को गिरफ्तार किया था, इस मामले में कई बड़े खुलासे हुए है, स्पेशल सेल के सूत्रों की

दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 23 जून को आरा कोर्ट में ब्लास्ट करने वाले लंबू शर्मा को गिरफ्तार किया था, इस मामले में कई बड़े खुलासे हुए है, स्पेशल सेल के सूत्रों की माने तो चांद मिया जो पहले मुख्तार अंसारी के गैंग का मेंबर था, उसी ने मुख्तार को मारने की साजिश रची थी।
सूत्रों की माने तो किसी डील को लेकर मुख्तार से उसका झगड़ा हो गया था, इसके बाद चांद मिया मुख्तार अंसारी के ऐंटी गैंग ब्रजेश सिंह के गैंग के लिए काम करने लगा। लेकिन इस बात से मुख्तार अंसारी पूरी तरह अंजान था चांद मिया को पता था कि आरा जेल में बंद लंबू शर्मा बम बनाने में ऐक्सपर्ट है औऱ इसके बाद चांद मिया ने आरा जेल में लंबू शर्मा से मुलाकात की और फिर लंबू शर्मा को मुख्तार अंसारी को खत्म करने के लिए 6 करोड़ की सुपारी दी जिसके लिए 50 लाख का ऐडवांस दिया था और इतने पैसों के लिए ही लंबू शर्मा मुख्तार अंसारी को मारने के लिए तैयार हो गया। इसके बाद चांद मिया और उसके गैंग के लोगों ने लंबू शर्मा को जेल से बाहर निकालने के लिए पूरी प्लानिंग की।
क्या थी लंबू शर्मा को जेल से निकालने की प्लानिंग
लंबू शर्मा ने आरा जेल में ब्लास्ट करने के लिए मानव बम का इस्तेमाल किया आरा कोर्ट में नगीना नाम की महिला जेल में बंद एक और कैदी उमा सिंह से मिलने आती थी, तभी लंबू शर्मा ने इस महिला से बाते करनी शुरु की औऱ उसका मोबाइल नंबर ले लिया। कुछ समय बाद लंबू शर्मा औऱ नगीना दोस्त बन गए औऱ प्लानिंग के तहत लंबू ने नगीना को अपने गैंग के आदमी से एक पैकेट दिलाया जिसमें टिफिन के साथ एक कैमरा था, लंबू ने नगीना को कहा था की वो कोर्ट में उसे देखकर कैमरे से फोटो ले। नगीना को नहीं पता था कि इस कैमरे में बम है। सूत्रों की माने तो 23 जनवरी से पहले भी एक बार नगीना ने आरा कोर्ट में लंबू शर्मा को पुलिस के साथ देखकर कैमरे के बटन को दबाने वाली थी लेकिन उस वक्त लंबू अपनी ब्लूटूथ से नगीना का संपर्क में था और उसके माहोल को देखते हुए कैमरे को चलाने से मना कर दिया इसके बाद 23 जनवरी को नगीना लंबू शर्मा के और करीब आ गई और लंबू को भरोसा था कि अगर अब ब्लास्ट होता है तो पुलिस वालो को नुकसान पहुचेगा उसके बाद लंबू ने नगीना को इशारा किया औऱ नगीना के कैमरे के बटन को दबा दिया औऱ कोर्ट में ब्लास्ट हुआ औऱ लंबू शर्मा अपने साथी के साथ कोर्ट से भागने में फरार हो गया। आरा कोर्ट से फरार होने के बाद लंबू शर्मा महाराष्ट्र भाग गया औऱ वहां से चांद मिया को फोन कर पूरी प्लानिंग समझने के लिए मुख्तार के ऐंटी गैंग ब्रजेश सिंह से कराने के लिए बुलाया।
क्या थी मुख्तार अंसारी को मारने प्लानिंग
ब्रजेश सिंह औऱ चांद मिया ने लंबू शर्मा को मुख्तार को मारने की सुपारी दी इसके बाद चांद मिया ने लंबू शर्मा की मुलाकात यूपी की आगरा जेल में मुख्तार अंसारी से कराई। सूत्रों की माने तो मुख्तार अंसारी इस बात से अंजान था कि चांद मिया उससे अलग हो चुका है और उसी की सुपारी देने के लिए लंबू शर्मा को उसकी पहचान कराने के लिए लाया था, मुख्तार को लगा था कि लंबू शर्मा को अपने गैंग में शामिल कराने के लिए लाया है। लेकिन चांद मिया लंबू शर्मा के साथ मिलकर मुख्तार को मरवाने की पूरी साजिश रच चुका था औऱ इसके लिए 50 लाख ऐंडवांस भी लंबू शर्मा को दे दिया गया था औऱ जेल में मुख्तार की पहचान करा दी गई थी।
सूत्रों की माने तो मुख्तार की पहचान करने के बाद लंबू शर्मा लुधियाना चला गया औऱ उसके बाद चांद मिया ने मुख्तार को मारने की तारीख तय करने के लिए दिल्ली बुलाया। स्पेशल सेल के सूत्रों की माने तो चांद मिया दिल्ली में बिहार के जेडीयू के एक सांसद से मिलने आता रहता था और एक दिन चांद ने सांसद के घर ही लंबू शर्मा को मिलने के लिए बुलाया औऱ फिर आगे की प्लानिग रची गई। लेकिन इससे पहले मुख्तार को मारने का दिन तय होता उससे पहले ही दिल्ली के कश्मीरी गेट से स्पेशल सेल ने लंबू शर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साथ आईबी ने भी लंबू शर्मा से पूछताछ की औऱ फिर बिहार पुलिस लंबू को लेकर बिहार जा चुकी है और लंबू शर्मा से पूछताछ कर रही है। जिस जेडीयू सांसद के घर लंबू शर्मा आया था वो अभी बिहार में है और इस सांसद के रोल की भी जांच की जा रही है।