नई दिल्ली: एनडीए से राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अलग होने के बाद अब राम बिलास पासवान की अगुवाई वाली लोक जनशक्ति पार्टी के भी नाराज़ होने की खबरें आ रही हैं। लोक जनशक्ति पार्टी के नेता और लोकसभा सांसद चिराग पासवान ने वित्त मंत्री अरुण जेटली को चिट्ठी लिखकर नोटबंदी के फायदे के बारे में पूछा है।
वित्त मंत्री को लिखी चिट्टी में चिराग पासवान ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी जी के इस फैसले के साथ देश की जनता इस विश्वास के साथ खड़ी रही कि नोटबंदी से देश में काला धन खत्म होगा और आर्थिक वृद्धि होगी। पासवान ने आगे लिखा है कि नोटबंदी को दो साल से ज्यादा का समय बीत चुका है और अब लोकसभा चुनाव भी आनेवाला है। इसलिए सरकार के इस कदम से देश को क्या-क्या लाभ हुआ इसकी सूची उपलब्ध कराया जाए ताकि लोकसभा चुनाव में हम अपने क्षेत्र की जनता को नोटबंदी के फायदे बता सकें।
आपको बता दें कि इससे पहले लोजपा ने मंगलवार को कहा कि तेलुगूदेशम पार्टी व रालोसपा के राजग से अलग हो जाने के बाद यह गठबंधन नाज़ुक मोड़ से गुज़र रहा है, ऐसे समय में भाजपा गठबंधन में फ़िलहाल बचे हुए साथियों की चिंताओं को समय रहते सम्मान पूर्वक तरीक़े से दूर करे।
लोजपा संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष और जमुई से सांसद चिराग पासवान ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा था, ‘‘टी॰डी॰पी॰ व रालोसपा के राजग गठबंधन से जाने के बाद यह नाज़ुक मोड़ से गुज़र रहा है। ऐसे समय में भारतीय जनता पार्टी गठबंधन में फ़िलहाल बचे हुए साथियों की चिंताओं को समय रहते सम्मान पूर्वक तरीक़े से दूर करे।’’
उल्लेखनीय है कि पांच राज्यों के आए चुनाव परिणाम पर भाजपा को परोक्ष रूप से नसीहत देते हुए गत 13 दिसंबर को चिराग ने कहा था कि राजग का एजेंडा हमेशा विकास रहा है पर इस पर राम मंदिर, हनुमान को लेकर विवादित बयान के हावी होने पर जनता भी कहीं न कहीं इससे दिग्भ्रमित होती है और निराश होती है क्योंकि वे आपसे इस तरह की उम्मीद नहीं करते ।
उन्होंने कहा था कि गलती से जो चोट (पांच राज्यों के आए चुनाव परिणाम से) लगी है, वो आने वाले लोकसभा चुनाव में हमें और सतर्क करेगी। लोजपा जो कि पहले कांग्रेस की अगुआई वाले संप्रग में थी, 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले राजग में शामिल हो गई थी और उसने बिहार में सात सीटों में से छह सीटों पर जीत हासिल की थी। पार्टी प्रमुख रामविलास पासवान को मोदी सरकार में मंत्री बनाया गया।
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