नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में मुख्य विपक्षी की भूमिका निभाने पर नजर टिकाए भाजपा ने आज दावा किया कि राज्य में कांग्रेस और वाम दलों से राष्ट्रवादी नेता भगवा पार्टी में शामिल हो जाएंगे क्योंकि उन्हें मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की तुष्टिकरण की नीति से असुरक्षा महसूस होती है।
भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि ममता की वोट बैंक की राजनीति को लेकर स्थानीय आबादी डरी हुई महसूस कर रही है। वह पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की बंगाल की तीन दिवसीय यात्रा पर उनके साथ थे। राज्य के लिए भाजपा के प्रभारी विजयवर्गीय ने संकेत दिया कि भगवा पार्टी असम की तरह मूल निवासी बनाम अवैध प्रवासी का मुद्दा उठाएगी। पार्टी ने असम में बांग्लादेश से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अवैध प्रवास के मुद्दे पर हिंदू मतदाताओं को लामबंद किया था।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, स्थानीय बंगाली ममता बनर्जी की तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति के चलते भयाक्रांत होकर अपनी पहचान ढूंढ रहे हैं। उन्हें दिवाली और दुर्गा पूजा मनाने में मुश्किल हो रही है। उन्होंने राज्य की हिंदू आबादी के संदर्भ में यह कहा। राज्य की आबादी में 70 फीसदी हिंदू हैं।
विजयवर्गीय ने कहा कि कांग्रेस और वाम दलों की मजबूती कम होने को लेकर उनके राष्ट्रवादी नेता एक विकल्प तलाशेंगे और भाजपा उनकी पसंद होगी। उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश से 1. 5 करोड़ से अधिक घुसपैठिये राज्य में अवैध रूप से रह रहे हैं। भाजपा के लिए अन्य पार्टियों से नेताओं को लाना एक मुख्य तरकीब रही है और इसने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में हुए हालिया विधानसभा चुनाव में एक बड़ा प्रभाव डाला है।
तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर सांप्रदायिकता का आरोप लगाया है। ममता ने कहा है कि यह राजनीतिक फायदे के लिए राज्य में वोटों का धु्रवीकरण कर रही है। विजयवर्गीय ने कहा कि ममता की सरकार के तहत राज्य की नौकरशाही का राजनीतिकरण हुआ है और पुलिस थाने टीएमसी कार्यालय की विस्तारित शाखाएं हो गई हैं।
43 लोकसभा सीटों वाले इस राज्य की पहचान भाजपा के संभावित विस्तार वाले एक अहम राज्य के रूप में की गई है जहां आने वाले हफ्तों में शाह फिर से यात्रा करेंगे। गौरतलब है कि 2014 के आमचुनाव में पार्टी ने यहां से सिर्फ दो सीटें जीती थी।
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