नई दिल्ली: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार ने कहा कि संप्रग सरकार के दिनों के मुकाबले कांग्रेस अब कमजोर हो गयी है और उसके पास भाजपा की विशाल चुनावी जीत को रोकने के लिए क्षेत्रीय दलों से गठबंधन करने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं बचा है।
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वरिष्ठ नेता ने अपनी आत्मकथा अपनी शर्तों पर: जमीनी हकीकत से सत्ता के गलियारों तक में यह बात कही जो ऑन माई टम्र्स: फ्रोम द ग्रासरूट टू द कोरिडोर्स ऑफ पावर का हिंदी अनुवाद है। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद समेत कई विपक्षी नेताओं की मौजूदगी में दो दिन पहले यहां इसका विमोचन किया गया।
पवार ने लिखा है, मौजूदा राजनीतिक स्थिति को देखते हुये कांग्रेस के लिए राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के विकल्प के रूप में उभरने का काम चुनौतीपूर्ण दिख रहा है। कांग्रेस के पास भाजपा की बढ़त को रोकने के लिए छोटी और क्षेत्रीय दलों से हाथ मिलाने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं बचा है।
उन्होंने कहा कि ऐसा गठबंधन करने के लिए कांग्रेस को गठबंधन के सहयोगी दलों पर भरोसा जताना होगा जैसा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती राजग सरकार ने दिखाया था।
प्रभावशाली मराठा नेता ने कहा, मनमोहन सिंह ने एक दशक लंबे संप्रग सरकार के दौरान ऐसी क्षमता दिखायी थी लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिये कि संप्रग के दिनों के मुकाबले कांग्रेस आज कमजोर है। पवार की टिप्पणियां कुछ विपक्षी नेताओं के विचारों से मिलती है। जदयू और वाम दलों समेत कुछ विपक्षी नेताओं ने भाजपा को रोकने के लिए विपक्षी एकता का आह्वान किया था।
पवार ने कहा कि सिर्फ भाजपा और कांग्रेस ही ऐसे दो दल हैं जिनकी अखिल भारतीय स्तर पर मौजूदगी है लेकिन उन्होंने कहा कि इनकी राजनीति व्यक्तिवाद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के ईद गिर्द घूमती है।
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