भोपाल/नई दिल्ली: ज्योतिरादित्य सिंधिया का कांग्रेस छोड़ना पार्टी के लिए बड़ी मुसीबत का सबब बन गया है। एक-एक करके कांग्रेस के विधायक भी पार्टी छोड़ रहे हैं। हाटपिपलिया से कांग्रेस विधायक मनोज चौधरी के इस्तीफे के साथ ही पार्टी छोड़ने वाले विधायकों की संख्या 22 हो गई। मनोज चौधरी से पहले 21 और विधायक पार्टी का साथ छोड़ चुके थे। अब इसके साथ ही राज्य में कांग्रेस की सरकार के भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं।
सिंधिया के करीबी हैं कांग्रेस छोड़ने वाले MLA
कांग्रेस छोड़ने वाले सभी विधायक ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी बताए जा रहे हैं और क्योंकि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस छोड़ दी है इसीलिए उन्होंने भी पार्टी से बाहर निकलने का फैसला लिया। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को सोनिया गांधी को त्यागपत्र लिखकर कांग्रेस को अलविदा कहा। वह करीब 18 सालों से कांग्रेस के लिए काम कर रहे थे। यह बात उन्होंने सोनिया गांधी को लिखे पत्र में भी दर्ज की है।
सोनिया को सिंधिया का त्यागपत्र
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पत्र में लिखा, "बीते 18 साल कांग्रेस का प्राथमिक सदस्य रहने के बाद अब मेरे आगे बढ़ने का वक्त आ गया है। मैं कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं और आप अच्छे से जानती हैं कि यह वही रास्ता है जिसके लिए पिछले साल से माहौल बन रहा था। मेरा लक्ष्य शुरू से ही मेरा राज्य के लोगों और देश की सेवा करना रहा है। मुझे लगता है इस पार्टी में रहकर अब मैं और ऐसा नहीं कर सकता हूं। मेरे हिसाब से मेरे लिए आगे बढ़ जाना ही बेहतर है।"
कांग्रेस ने माना सरकार पर संकट
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “ज्योतिरादित्य सिंधिया को पार्टी से निकाल दिया गया है। हमारे पास कोई दूसरा रास्ता नहीं था, पार्टी से गद्दारी करने वाले के साथ तो ऐसा ही करना पड़ेगा। बुरे वक्त में पार्टी का साथ छोड़ना सही नहीं है। मध्य प्रदेश में शायद अब हमारी सरकार नहीं रहेगी।" वहीं, कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते कांग्रेस से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया गया है।
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