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कांग्रेस के पास 580 करोड़ से ज्यादा की सम्पत्ति: ऑडिट रिपोर्ट

नई दिल्ली: एक साल तक विरोध करने के बाद कांग्रेस ने अंतत: चुनाव आयोग के निर्देश का पालन करते हुए उसे 2013-14 की अपनी वाषिर्क ऑडिट रिपोर्ट ‘‘विरोध’’ के साथ दे दी जिसमें बताया गया

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कांग्रेस ने विरोध के साथ दी चुनाव आयोग को ऑडिट रिपोर्ट

नई दिल्ली: एक साल तक विरोध करने के बाद कांग्रेस ने अंतत: चुनाव आयोग के निर्देश का पालन करते हुए उसे 2013-14 की अपनी वाषिर्क ऑडिट रिपोर्ट ‘‘विरोध’’ के साथ दे दी जिसमें बताया गया है कि पार्टी के पास 580 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और अन्य चीजें हैं।

कांग्रेस के कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा ने आज चुनाव आयोग को अपनी वाषिर्क रिपोर्ट भेजी लेकिन स्पष्ट किया कि पार्टी से इस तरह की रिपोर्ट मांगने के चुनाव आयोग के अधिकार पर वह सवाल खड़ा करती है।

वोरा ने चुनाव आयोग को लिखे एक पत्र में कहा, ‘‘हम विरोध के साथ वित्त वर्ष 2013-14 के लिए ऑडिट किये गये वाषिर्क खातों की प्रति यहां संलग्न कर रहे हैं। स्पष्ट किया जाता है कि जब तक जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के संबंधित प्रावधानों में जरूरी संशोधन नहीं किये जाते, तब तक चुनाव आयोग को अधिनियम के दायरे से परे जाकर काम करने का अधिकार नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर आयोग को जरूरी लगे और वह चाहता है तो इस मामले को आगे की कार्रवाई के लिए कानून और न्याय मंत्रालय के विचारार्थ रख सकता है।’’ पत्र के अनुसार चुनाव आयोग को अपने लिए पारदर्शिता दिशानिर्देश जारी करने का अधिकार का दावा करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 324 पर निर्भर रहना ‘‘अनुपयुक्त’’ है।

ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस ने उक्त अवधि में ‘कूपन जारी करके या प्रकाशन सामग्री बेचकर’ 470 करोड़ रपये इकट्ठे किये और अनुदान, चंदे आदि के रास्ते से उसकी आय 64 करोड़ रपये के करीब रही।

रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2013-14 के लिए उसने चुनाव व्यय के तौर पर 347 करोड़ रपये से अधिक खर्च किये।

चुनाव आयोग पिछले साल अक्तूबर से पार्टी से इन रिपोर्ट को जमा करने को कह रहा है। उसने पिछले महीने ही इस संबंध में आखिरी संदेश भेजा था।

चुनाव आयोग ने पहले कांग्रेस से कहा था कि वह आयोग के दिशानिर्देशों का पालन नहीं कर रही, लेकिन चार राष्ट्रीय और 28 राज्यस्तरीय मान्यताप्राप्त पार्टियों ने उसके दिशानिर्देशों का पालन किया है और उसे अपनी वाषिर्क ऑडिट रिपोर्ट भेजी हैं।

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