बांकुड़ा (पश्चिम बंगाल): पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज कहा कि मोदी सरकार ने लोगों की ओर से सामना की जाने वाली परेशानी नहीं समझी जिन्हें नोटबंदी के बाद फकीर बना दिया गया। ममता ने यहां एक जनसभा में कहा, लोगों की मुश्किलें समझते हुए वेनेजुएला ने नोटबंदी पर निर्णय वापस ले लिया लेकिन मोदी सरकार ने किसी की भी नहीं सुनी। यह गूंगी और बहरी सरकार है।
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उन्होंने कहा, आम लोग समस्या समझते हैं लेकिन प्रधानमंत्री नहीं समझते। हमें नहीं पता कि वह कब समझेंगे। तब तक देश अकाल की चपेट में होगा। ममता ने कहा, लोग अपना ही पैसा निकाल नहीं सकते। हमें नहीं पता कि क्या यह सुरक्षित है।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता ने एक डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए केंद्र को आड़े हाथ लेते हुए कहा, वे कह रहे हैं कि ये ऐप खरीदिये, ये मोबाइल खरीदिये। उनकी नहीं सुनिये। नहीं तो आप फकीर बन जाएंगे।
उन्होंने मोदी पर स्वयं को फकीर कहने के लिए निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री लोकसभा चुनाव से पहले स्वयं को एक चायवाला बताते थे। उन्होंने दावा किया कि वह अब एक करोड़पति बन गए हैं। उन्होंने सवाल किया, फकीर की परिभाषा क्या है।
ममता ने कहा, 100 दिन के काम के पैसे का भुगतान कमीशन के एवज में पेटीएम से नहीं किया जाना चाहिए। एटीएम से पेटीएम। सरकार को कमीशन लेना बंद करना चाहिए। केंद्र लोगों को यह नहीं बता सकता कि वे अपना पैसा कहां रखें। उन्होंने भाजपा की ओर परोक्ष रूप से इशारा करते हुए आरोप लगाया, जब वे लोगों को भोजन मुहैया नहीं कर सकते तो वे उन्हें धर्म के नाम पर बांटने का प्रयास कर रहे हैं।
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