पटना: बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल (युनाईटेड) के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने शुक्रवार को कहा कि उत्तर प्रेदश विधान सभा चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए धर्मनिरपेक्ष गठबंधन बनाने का प्रयास जारी रहेंगे और ये सोचना ग़लत होगा कि इसमें कामयाबी नहीं मिलेगी।
समाजवादी पार्टी में धमासान के परिप्रेक्ष्य में उत्तर प्रदेश के राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में पूछे जाने पर नीतीश ने पुराने जनता परिवार को जोड़ने के प्रयासों पर तफ़्सील से बात की। "पुराने जनता परिवार के छह घटकों को मिलाकर एक पार्टी बनाने के लिए एक मज़बूत क़दम उठाया गया था। कुछ हद तक सफलता भी मिली थी। एसपी प्रमुख मुलायम सिंह यादव की अगुवाई में बातचीत आगे बढ़ रही थी लेकिन बात बनी नहीं लेकिन ये सोचना कि भविष्य में ऐसी कोशिशें फिर नहीं होंगी या फिर कि ये सफल नहीं होंगी, ग़लत होगा।"
ग़ौरतलब है कि पिछले साल नीतीश कुमार ने बिहार विधानसभा चुनाव के पहले जनता परिवार को जोड़ने में अहम भूमिका निभाई थी।
नीतीश ने एक सवाल के जवाब में कहा कि उत्तर प्रदेश में पांच नवंबर को समाजवादी पार्टी के होने वाले कार्यक्रम के लिए उन्हें अभी तक कोई निमंत्रण नहीं मिला है।
एसपी ने पांच नवंबर को स्थापना दिवस कार्यक्रम में पुराने जनता दल के प्रमुख नेताओं को आमंत्रित करने का फ़ैसला किया है। इसे समाजवादी नेताओं को मिलाकर बिहार की तर्ज़ पर धर्मनिरपेक्ष गठबंधन बनाने के रुप में देखा जा रहा है ताकि राज्य में अगले साल की शुरुआत में होने वाले चुनाव में बीजेपी को हराया जा सके।
कुमार ने हाल ही में कम से कम आठ बार उत्तर प्रदेश का दौरा किया है और राष्ट्रीय लोक दल के अजित सिंह और बहुजन समाज पार्टी के बाग़ी नेता आर.के. चौधरी से बात की है। उन्होंने पीस पार्टी के मोहम्मद अय्यूब से भी बात की है।
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