नयी दिल्ली: नोटबंदी के फैसले के बाद बहुजन समाज पार्टी के खाते में भारी भरकम रकम जमा किये जाने के आरोपों वाली याचिका पर चुनाव आयोग ने पार्टी से जवाब मांगा। बसपा अध्यक्ष मायावती को जारी नोटिस में आयोग ने 15 मार्च तक जवाब देने को कहा। चुनाव आयोग ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दाखिल एक याचिका का उल्लेख किया जिसमें आरोप लगाया गया है कि पार्टी ने पिछले साल आठ नवंबर को नोटबंदी के ऐलान के बाद छोटी सी अवधि में कई बार अपने बैंक खाते में भारी भरकम रकम जमा की।
आयोग की चुनाव व्यय इकाई द्वारा जारी नोटिस के मुताबिक, आपसे अनुरोध है कि आपकी पार्टी द्वारा नकदी में प्राप्त चंदों और पार्टी के खातों में जमा धन के संबंध में याचिका में उठाये गये मुद्दे पर अपनी टिप्पणियां और विचार भेजें। इससे पहले खबरों के अनुसार इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने भी पार्टी को इस संबंध में नोटिस जारी किया है। प्रवर्तन निदेशालय को 26 दिसंबर को यहां यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया की एक शाखा में बसपा के एक खाते में कुल 104 करोड़ रपये से अधिक नकदी जमा होने का पता चला था।
सपा्, भाजपा और कांग्रेस से भी हिसाब मांगे आयोग
वहीं बसपा ने कहा कि चुनाव आयोग को उसके साथ साथ सपा्, भाजपा और कांग्रेस से भी नोटबंदी के बाद अपने अपने खाते में जमा किए गये धन का विवरण मांगना चाहिए। बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि हम चुनाव आयोग से आग्रह करेंगे कि वह सपा, भाजपा और कांग्रेस समेत सभी पार्टियों से नोटबंदी के बाद अपने अपने खाते में जमा किये गए धन का विवरण मांगें। यह हिसाब सिर्फ बसपा से ही ना मांगा जाए।
मिश्रा ने कहा कि उनकी पार्टी दी गई समय सीमा के अंदर अपना जवाब दाखिल कर देगी क्योंकि उसने कुछ गलत नहीं किया है और बैंक में जो भी जमा किया गया वह नियम कानूनों के तहत किया गया है।
Latest India News