नई दिल्ली: करोडों रुपये के चारा घोटाला के लिए चर्चित रहे बिहार के पशु संसाधन विभाग की कई महत्वपूर्ण फाइनलें चोरी हो गई हैं। मामले में पुलिस ने मुकद्दमा दर्ज करते हुए फाइलों की तलाश शुरू कर दी है। चोरी हुई फाइलें बिहार पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के पटना स्थित कार्यालय में रखी हुई थीं। चारा घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के नेता लालू यादव मुख्य आरोपी हैं। मामले में उन्हें छह साल की सजा की घोषणा भी हो चुकी है।
जानकारी के अनुसार पटना के ओल्ड सेक्रेटरिएट पुलिस स्टेशन में इस संबंध में मुकद्दमा दर्ज कराया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार पटना सचिवालय स्थित कार्यालय से तीन अलमारियों में रखी महत्वपूर्ण फाइलें चोरी हो गई हैं। इनमें से अधिकतर चारा घोटाले और उसमें आरोपी बनाए गए लोगों के संबंध में थी।
बताया जा रहा है कि इनमें पशु डॉक्टरों और कर्मियों की संलिप्तता के सबूत थे। हालांकि इस संबंध में 16 मई को मुकद्दमा दर्ज कराया जा चुका है लेकिन मामले का खुलासा अभी हुआ है।
इस बीच, बीजेपी नेता नितिन नवीन ने नीतीश कुमार की अगुआई में चल रही महागठबंधन सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि क्या आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव को बचाने की कोशिश की जा रही है? उन्होंने कहा, ‘नीतीश कुमार को बताना चाहिए कि वह कैसे और क्यों लालू प्रसाद यादव को बचा रहे हैं? गायब हुईं फाइलें उनसे जुड़ी हुई थीं। नीतीश कुमार की हरकत से बिहार का भविष्य प्रभावित हो रहा है।’
बता दें कि चारा घोटाला उस समय सुर्खियों में आया था जब तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू यादव का नाम इसमें शामिल पाया गया था। मामले में सीबीआई ने जांच शुरू करते हुए लालू यादव के साथ ही एक और पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र सहित दर्जनभर लोगों को आरोपी बनाते हुए जांच शुरू कर दी थी।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र को चार साल कैद और दो लाख रुपये जुर्माने की सजा मिली थी। हालांकि बाद में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से से राहत मिल गई थी लेकिन इसके चलते उन्हें लोकसभा सदस्यता गंवानी पड़ी और वो चुनाव लड़ने के लिए भी अयोग्य साबित हो गए थे।
वहीं फाइलों की इस चोरी के बीच महत्वपूर्ण बात ये है कि चारा घोटाले के एक अन्य मामले में लालू यादव को रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने 13 जून को तलब किया है। जिसमें उन्हें कोर्ट के सामने पेश होना होगा। उससे पहले ही फाइलों के चोरी होने की खबर सामने आ गई। हालांकि अभी यह नहीं पता चल सका है कि जो फाइलें चोरी हुई हैं, वो कौन से मामले की हैं।
बता दें कि साल 1995 में बिहार में सीएजी की रिपोर्ट के बाद कुल 950 करोड़ रुपये का चारा घोटाला सामने आया था। जिसमें राज्य के अलग अलग जिलों के कोषागार से अवैध रूप से बड़ी मात्रा में धन निकाला गया था।
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