नई दिल्ली: सरकार और प्रमुख विपक्षी दल को संसद के आगामी मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में वस्तु एवं सेवा कर (GST) से जुड़े लंबे समय से अटके संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए साथ चाहिए। यह बात आज उद्योग मंडल ऐसोचैम ने कही।
ऐसोचैम ने अपने महासचिव डी एस रावत के हवाले से कहा, ऐसे समय में जबकि मुद्रास्फीति (खुदरा मुद्रास्फीति और थोकमूल्य मुद्रास्फीति) में तेजी और औद्योगिक वृद्धि में नरमी जैसे वृहत आर्थिक जोखिम के फिर से आने और वैश्विक- भू-राजनैतिक मुश्किलें बढ़ने तथा औद्योगिक वृद्धि में नरमी बरकरार रहने के बीच GST विधेयक का पारित होना ऐसी नकारात्मक स्थितियों से बचा सकता है।
उद्योग मंडल ने कहा कि कानून का क्रियान्वयन अभी काफी दूर होगा क्योंकि कम से कम आधी राज्य विधानसभाओं को इसका अनुमोदन करने की जरूरत होगी। सबसे बड़ी बाधा राज्यसभा में होगी जहां संख्या बल अनुकूल नहीं है जिससे इस मुद्दे पर व्यापक राजनीतिक सहमति बनाना आवश्यक होगा।
उन्होंने कहा, अच्छी बात यह है कि कांग्रेस पार्टी ने इस मामले में साथ आने की मंशा जाहिर की है। हम प्रमुख विपक्षी दल से अपील करते हैं कि वह सरकार के साथ आपने राजनीतिक मतभेद को अलग रखते हुए देश के सबसे महत्वपूर्ण कर सुधार के समर्थन में आगे आए।
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