नई दिल्ली: मोदी सरकार आज बुधवार को राज्यसभा में जीएसटी बिल को मंजूरी के लिए पेश करने जा रही है। जीएसटी के लिए सविंधान संसोधन संसोधन विधेयक चर्चा करने और पास करने के लिए आज कार्यसूची में रखा जाएगा। मोदी सरकार राज्यसभा में बिल को 4 संशोधनों के साथ बिल को पेश करने जा रही है। अगर राज्ससभा में जीएसटी बिल 4 संसोधनों के साथ पास हो जाता है तो यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर बन सकता है।
4 संशोधनों के साथ पेश हो सकता है जीएसटी बिल
ऐसी संभावना है कि मोदी सरकार राज्यसभा में इस संविधान संसोधन विधेयक में जीएसटी बिल को 4 संशोधनों के साथ पेश कर सकती है :
1 मैन्युफैक्चरिंग राज्यों को भरपाई के लिए इंटर स्टैट ट्राजैक्शन पर 1 फीसदी टैक्स लगाने के प्रस्ताव को खत्म करना
2 जीएसटी लागू होने के कारण राज्यों को होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई अगले पांच साल तक करना
3 रेवेन्यू न्यूट्रल रेट पर राज्यों के वित्तमंत्रियों की समिति के प्रस्ताव का समर्थन
4 विवाद निपटारे के सिस्टम पर एक नया फार्मूला का लाया जाना
गौरतलब है कि मोदी सरकार ने 16 वीं लोकसभा में संविधान के 122 वां संशोधन विधेयक गत वर्ष मई माह में पेश किया था। लोकसभा में पास होने के बाद इसे राज्यसभा में मंजूरी के मिलने का लंबे समय से इंतजार है। कांग्रेस कुछ बातों को लेकर अपना विरोध जता रही थी और राज्यसभा में कांग्रेस बहुमत में थी इसलिए मोदी सरकार सभी दलों की आम सहमति मिलने के बाद ही इसे राज्यसभा में पेश करने की योजना पर काम कर रही थी।
सबसे पहले कब पेश हुआ था जीएसटी ?
जीएसटी का पूरा विचार आज से ठीक एक दशक पहले 2006 07 में यूपीए सरकार ने पेश किया था। मार्च 2011 में इसे यूपीए सरकार ने लोकसभा में पेश किया था लेकिन 15 वीं लोकसभा का कार्यकाल पूरा होने से पहले इसे पास नहीं किया जा सका था।
अगर राज्यसभा में बिल पास हो गया तो
जीएसटी (गुड़स एंड सर्विस टैक्स) अब तक का सबसे बड़ा टैक्स रिफॉर्म माना जा रहा है और आर्थिक मामलों के एक्सपर्ट का मानना है कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर का काम कर सकता है।
अगर यह लागू हो जाता है तो मार्केट का चेहरा खिलना तय है और लांग टर्म में ग्रोथ को स्पीड मिलेगी। टैक्स का पूरा सिस्टम आसान हो जाएगा। इस बिल के लागू हो जाने के बाद कुछ चीजें सस्ती तो कुछ महंगी भी हो सकती हैं।
Latest India News