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जंग ने केजरीवाल सरकार के सुब्रह्मण्यम आयोग को बताया असंवैधानिक

डीडीसीए विवाद पर केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के बीच अभी भी खींचतान जारी है। अब दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग ने अरविंद केजरीवाल सरकार की ओर से बनाए गए गोपाल सुब्रह्मणयम आयोग को अवैध और असंवैधानिक बताया है।

arvind najeeb- India TV Hindi
arvind najeeb

नई दिल्ली: डीडीसीए विवाद पर केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के बीच अभी भी खींचतान जारी है। अब दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग ने अरविंद केजरीवाल सरकार की ओर से बनाए गए गोपाल सुब्रह्मणयम आयोग को अवैध और असंवैधानिक बताया है। केजरीवाल ने दिल्ली जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) से जुड़े मामले की जांच के लिए यह आयोग बनाया था। मिली जानकारी के मुताबिक, एलजी नजीब जंग ने डीडीसीए मामले की जांच के लिए बने गोपाल सुब्रह्मण्यम आयोग के बारे में दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी को जो खत भेजा है, उसमें लिखा गया है कि 'आयोग का गठन असंवैधानिक और गैरकानूनी है...'

इसके बाद दिल्ली सरकार की ओर से भी जवाब आया है। आम आदमी पार्टी के प्रवक्त आशुतोष से ट्वीट किया कि गृह मंत्रालय का आदेश मानने लायक नहीं है, क्योंकि जांच आयोग का मामला अब कोर्ट में है।

MHA's order is not tenable as commission of enquiry matter is in the court.Court has not given a stay earlier despite centre's prayer. 1/1

— ashutosh (@ashutosh83B) January 8, 2016

आशुतोष से दूसरा ट्वीट किया कि इतने सारे सबूतों के बावजूद मोदी सरकार डीडीसीए घोटाले और अरुण जेटली को बचाने की कोशिश कर रही है। इस केस में सब कुछ साफ है। उन्होंने यह भी पूछा कि पीएम मोदी ने भ्रष्टाचार पर जो वादे किए थे, उसका क्या हुआ।

Modi govt is trying to shield Jaitley and DDCA corruption despite so much evidences. It's open and shut case. 1/2

— ashutosh (@ashutosh83B) January 8, 2016

आपको बता दें कि 15 दिसंबर को जब दिल्ली सचिवालय में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पर्सनल सेक्रेटरी राजेन्द्र कुमार के दफ्तर में  सीबीआई ने छापा मारा तो लड़ाई सीधे-सीधे केंद्र सरकार बनाम दिल्ली सरकार हो गई। सबसे पहला रिएक्शन अरविंद केजरीवाल की तरफ से आया। शुरुआत में तो उनका निशाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बने और उनके लिए उन्होंने असंसदीय भाषा का प्रयोग भी किया। बाद में उनका हमला केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली पर केंद्रित हो गया।

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