पटना: केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी ने मंगलवार को कहा कि तेलुगूदेशम पार्टी व राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के NDA से अलग हो जाने के बाद यह गठबंधन नाजुक मोड़ से गुज़र रहा है। लोजपा ने कहा कि ऐसे समय में भाजपा गठबंधन में फिलहाल बचे हुए साथियों की चिंताओं को समय रहते सम्मानपूर्वक तरीके से दूर करे। पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाह की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के पिछले दिनों NDA से बाहर निकलने के बाद बिहार में भाजपा नेतृत्व वाले इस गठबंधन में अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल युनाइटेड और लोक जनशक्ति पार्टी बची हैं।
लोजपा संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष और जमुई से सांसद चिराग पासवान ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा ‘टी.डी.पी. व आरएलएसपी के एनडीए गठबंधन से जाने के बाद यह नाजुक मोड़ से गुज़र रहा है। ऐसे समय में भारतीय जनता पार्टी गठबंधन में फ़िलहाल बचे हुए साथियों की चिंताओं को समय रहते सम्मान पूर्वक तरीक़े से दूर करे।’
उल्लेखनीय है कि 5 राज्यों के आए चुनाव परिणाम पर भाजपा को परोक्ष रूप से नसीहत देते हुए गत 13 दिसंबर को चिराग ने कहा था कि एनडीए का एजेंडा हमेशा विकास रहा है पर इस पर राम मंदिर, हनुमान को लेकर विवादित बयान के हावी होने पर जनता भी कहीं न कहीं इससे दिग्भ्रमित होती है और निराश होती है क्योंकि वे आपसे इस तरह की उम्मीद नहीं करते।
उन्होंने कहा था कि गलती से जो चोट (5 राज्यों के आए चुनाव परिणाम से) लगी है, वो आने वाले लोकसभा चुनाव में हमें और सतर्क करेगी। लोजपा जो कि पहले कांग्रेस की अगुआई वाले यूपीए में थी, 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले एनडीए में शामिल हो गई थी और उसने बिहार में खुद के हिस्से की 7 सीटों में से 6 सीटों पर जीत हासिल की थी। पार्टी प्रमुख रामविलास पासवान को मोदी सरकार में मंत्री बनाया गया। पिछले साल नीतीश के एनडीए में शामिल होने पर लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस को राज्य सरकार में मंत्री बनाया गया।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता वाली टीडीपी तेलंगाना के अलग होने के बाद आंध्र प्रदेश को विशेष सहायता नहीं मिलने पर एनडीए से अलग हो गयी थी।
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