लखनऊ: बसपा प्रमुख मायावती ने भाजपा शासित हरियाणा में कांशीराम की प्रतिमा तोड़े जाने की घटना की निन्दा करते हुए मंगलवार को मांग की कि हरियाणा सरकार दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे। मायावती ने कहा, एक तरफ तो डा. भीमराव अम्बेडकर के निधन के बाद उनके मानवतावादी आंदोलन को गति प्रदान करने वाले कांशीराम जी की प्रतिमा को तोड़ने का घिनौना काम किया जाता है तो दूसरी तरफ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह एक ओबीसी समाज के व्यक्ति के घर कुछ दलितों के साथ खाना खाने का वैसा ही नाटक करते हैं जैसा कांग्रेस पार्टी के युवराज (राहुल गांधी) खासकर बसपा शासन के दौरान उत्तर प्रदेश में किया करते थे।
मायावती ने कहा कि भाजपा आज से नहीं बल्कि जनसंघ के समय से ही अपने चाल, चरित्र व चेहरे से हमेशा ही जातिवादी प्रवृत्ति की रही है और इनकी दलित-विरोधी मानसिकता के कारण ही यहां दलित व पिछड़े समाज के लोगों को अपूरणीय क्षति झोलनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि इसी मानसिकता के कारण दलितों को आत्मसम्मान व स्वाभिमान से जीने का हक खासकर भाजपा शासित राज्यों में नहीं दिया जा रहा है। उनको मिलने वाले आरक्षण के संवैधानिक हक से भी वंचित रखा जा रहा है। इतना ही नहीं बल्कि अब तो आरक्षण की व्यवस्था को समाप्त करने की ही साजिश की जा रही है।
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