लखनऊ: उत्तर प्रदेश के 2017 विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंकते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने आज पीएम नरेन्द्र मोदी के राजधानी लखनऊ आकर दशहरा मनाने को राजनीतिक स्वार्थ करार दिया और कहा कि भाजपा को अब धर्म की राजनीति करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
मायावती ने यहां बसपा संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर आयोजित एक रैली में कहा, उरी के शहीद जवानों की चिता की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई है लेकिन प्रधानमंत्री अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए लखनऊ में ही दशहरा मनाने आ रहे हैं। उन्होंने कहा, हो सकता है कि इसी स्वार्थ में मोदी दीवाली भी उत्तर प्रदेश में आकर मनाएं।
अटठारह जवानों की शहादत के सम्मान में उनके परिवार वालों के दुख को अपना समझकर इस बार भाजपा के लोगों को अपना दशहरा और दीवाली धूमधाम से मनाने की बजाय संजीदगी और सादगी से मनाना चाहिए था।
मायावती ने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के चलते ही भाजपा अपने राष्ट्रीय नेताओं, विशेषकर प्रधानमंत्री मोदी को यहां लखनऊ के दशहरे के धार्मिक मेले में ले जाने को मजबूर हुई ताकि ये नेता भीड़ में अपनी पार्टी व सरकार की कुछ बातें धर्म की आड़ में रख सकें। भाजपा को धर्म की राजनीति करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि मोदी 11 अक्तूबर को लखनऊ के ऐतिहासिक ऐशबाग रामलीला मैदान में होने वाले दशहरा मेला में शामिल होंगे। इसे लेकर बसपा सहित भाजपा के विरोधी दलों ने कडी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और मोदी के आगमन को उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों से जोडा है।
मायावती ने ना सिर्फ मोदी, भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बल्कि प्रदेश की सत्ताधारी सपा एवं कांग्रेस पर भी जमकर हमला बोला।
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