नोटबंदी पर संसद में हंगामें के बाद अब लड़ाई सड़क पर आ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी नोटबंदी के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश में जनता के सामने होंगे। आज जहां मोदी कानपुर की जनता को नोटबंदी के फायदे गिनाएंगे वहीं राहुल गांधी पूर्वी उत्तर प्रदेश के जौनपुर में रैली करके नोटबंदी को लेकर मोदी पर फिर हमले बोलेंगे।
ATM और बैंकों में महीने भर से ज़्यादा से लंबी-लंबी क़तारों के बाद अब नोटबंदी को लेकर लोगों के सब्र जवाब दे रहा है और इसकी भनक बीजेपी नेताओं को लग गई है। यही वजह है कि वे चुनाव वाले राज्यों में लोगों को समझाने में जुट गए हैं कि वह क़तारों में खड़े होकर देश को काला धन से लड़ने में मदद कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में अगले साल चुनाव होने हैं और नोटबंदी पर लोगों के ग़ुस्से में कांग्रेस को सत्ता नज़र आ रही है। कांग्रेस इस राज्य में 27 साल से सत्ता से बाहर है। जौनपुर में राहुल गांधी की खाट सभा सफल रही थी इसलिए अब वह वहां पर जाकर रैली कर रहे हैं। जौनपुर के बाद राहुल गांधी 22 दिसंबर को बहराइच में रैली करेंगे। यहां मोदी की 11 दिसंबर को रैली थी लेकिन खराब मौसम के कारण वह यहां नहीं आ सके और बाद में दिल्ली से ही फोन पर रैली को संबोधित किया था।
सोमवार को मोदी कानपुर में रैली कर नोटबंदी से हो रही तकलीफों पर मरहम लगाने की कोशिश करेंगे। कानपुर यूपी के उन शहरों में से है जो लोगों को सबसे ज्यादा रोज़गार देता है लेकिन नोटबंदी के बाद से यहां तमाम उद्योगों में काम करने वाले लोगों के सामने रोज़ी रोटी का संकट आ गया है।
22 दिसंबर को राहुल गांधी बहराइच में होंगे और मोदी अपने चुनाव क्षेत्र बनारस में। बनारस में उनकी रैली पर सबकी नजरें होंगी। राहुल और मोदी के राज्यों के इस मुकाबले में लोग यह भी देखना चाहेंगे कि राहुल गांधी ने संसद में मोदी के खिलाफ भ्रष्टाचार के जो आरोप लगाए थे, क्या वो इस पर भी कुछ खुलासा करते हैं।
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