नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र में रोज हो रहे हंगामें के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेद जताते हुए कहा कि, "यह दु:ख की बात है कि संसद नहीं चल रही है। केवल GST बिल ही नहीं, बल्कि गरीबों के हित से जुड़े कई कदम संसद में अटके हुए हैं।" उन्होंने कहा कि, लोकतंत्र किसी की मर्जी और पसंद के अनुसार काम नहीं कर सकता। मोदी ने कहा, "मैं देश के विकास की यात्रा को जन आंदोलन में परिवर्तित करना चाहता हूं और इसके लिए सभी को इस बात का एहसास होना चाहिए कि वह देश के विकास की दिशा में काम कर रहा है।" उन्होंने यह भी कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक के अलावा ऐसे कई विधेयक हैं, जो संसद में लंबित पड़े हैं। उन्होंने कहा, "महात्मा गांधी स्वतंत्रता संग्राम में एक बड़ा बदलाव लेकर आए थे। उन्होंने इसे जन आंदोलन बना दिया था। पहली चीज, लोगों और उनकी ताकत में विश्वास करना है।"
नेश्नल हेराल्ड केस में कांग्रेस सांसदों के कथित बदले की राजनीति के विरोध में हंगामा किये जाने के कारण आज राज्यसभा की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी। BJP के एक सांसद द्वारा कल लोकसभा में राहुल गांधी के बारे में की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर आज कांग्रेस सांसदों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही करीब 20 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई थी। बुधवार को भी नेश्नल हेराल्ड केस में कांग्रेस सांसदों द्वारा राज्यसभा की कार्यवाही कई बार बाधित हुई थी।
गौरतलब है कि अगर जीएसटी बिल को अप्रैल, 2016 की डेडलाइन तक लागू किया जाना है, तो उसका इसी सत्र में संसद से पारित होना अनिवार्य है। वैसे, यह मोदी सरकार का सबसे बड़ा बिल है, और आज़ादी के बाद से अब तक का सबसे बड़ा टैक्स सुधार विधेयक भी। इसे पारित करवाने के लिए सरकार को संसद के उच्च सदन राज्यसभा में कांग्रेस का समर्थन ज़रूरी है, क्योंकि वहां सरकार के पास बहुमत नहीं है।
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