नई दिल्ली: 'मन की बात' की 7वीं कड़ी में पीएम मोदी एक बार फिर देश की जनता से रूबरू हुए। नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम में ना सिर्फ जनता के हित की बात की बल्कि उनको सुझाव भी दिए। साथ ही कई समस्याओं पर जनता के सामने सरकार के पक्ष भी रखे। प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' के दौरान कहा कि, लोकतंत्र में मंथन जरूरी होता है, पक्ष-विपक्ष जरूरी होता है।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि, आज जब मैं मन की बात कर रहा हूं, तो चारों तरफ भयंकर गर्म हवा, गर्मियों से होने वाली परेशानियों की ख़बरें आ रही हैं। मैं यही चाहूँगा कि आप अपने को संभालिए, बीमार मत होना, गर्मी से अपने आपको बचाने के रास्ते होतें हैं। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी ने मन की बात की दौरान सी.बी.एस.ई. और अलग-अलग बोर्ड परिक्षाओं में पास हुए विद्यार्थियों को बधाई दी।
उन्होने कहा विद्यार्थी मित्रों को अपने नतीजे मिल गये हैं, मैं उन सब को बधाई देता हूं। आपकी सफलता का कारण आपकी साल भर की कड़ी मेहनत है, आपके स्कूल, आपके टीचर, पूरे परिवार ने, हर किसी ने प्रयास किया है।
पढ़ें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में क्या कहा:
विफलता के बोझ में दबना मत, विफलता एक अवसर होती है, विफलता के बीच भी आशा का अवसर समाहित होता है।
विफलता को पचाने की ताकत भी जिंदगी जीने की ताकत देती है।
अब जगत बहुत बड़ा हो चुका है, विषयों और अवसरों की सीमायें नहीं हैं, आप ज़रा साहस के साथ आपकी रूचि के हिसाब से रास्ता चुनिए।
विफलता को पचाने की ताकत भी जिंदगी जीने की ताकत देती है।
सामाजिक सुरक्षा की तीन योजनाओं को लांच किया।
केवल 20 दिनों में 8.52 करोड़ लोगों ने इन योजनाओं में अपना पंजीकरण कराया।
मेरी नजर में किसान चैनल एक खेत खलिहान वाली ओपन यूनिवर्सिटी है।
कृषि के साथ पशुपालन भी आर्थिक रूप से हमें मजबूती दे सकता है।
योग विश्व को जोड़ने का माध्यम बन रहा है।
योग दिल और दिमाग को जोड़ता है।
मानवजाति को नई चेतना देने का सामर्थ्य योग में है।
मेरी सरकार वन रैंक वन पेंशन लागू करेगी।
मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि यही सरकार वन रैंक वन पेंशन की समस्या का समाधान करके रहेगी।
मैं ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहता हूं जो समस्याओं को उलझा कर रख दे।
मुझे कुछ समय दीजिए, काम करने का अवसर दीजिए, हम मिल बैठकर समस्याओं का समाधान करेंगे।
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