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बकरीद बाद होगा मुख्तार अंसारी की पार्टी और सपा का गठबंधन?

उत्तर प्रदेश में 2017 के विधानसभाओं को मद्देनजर रखते हुए पार्टियां अपने-अपने सहयोगियों को तलाश करने लगी हैं। इसी कड़ी में अंदाजा लगाया जा रहा है कि बकरीद के बाद कौमी एकता दल और समाजवादी पार्टी का गठबंधन हो सकता है।

मुलायम सिंह यादव।- India TV Hindi
मुलायम सिंह यादव।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2017 के विधानसभा चुनावों को मद्देनजर रखते हुए पार्टियां अपने-अपने सहयोगियों को तलाश करने लगी हैं। इसी कड़ी में अंदाजा लगाया जा रहा है कि बकरीद के बाद कौमी एकता दल और समाजवादी पार्टी का गठबंधन हो सकता है। कौमी एकता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अफजाल अंसारी का कहना है कि इस बारे में उनकी सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से फोन पर बातचीत भी हुई है।

मुलायम ने किया था फोन
अफजाल अंसारी ने कहा कि वह अनेवाले 13 सितंबर को बकरीद के बाद अपनी पार्टी के नेताओं और जिम्मेदार लोगों से सलाह-मशविरा कर समाजवादी पार्टी से गठबंधन के बारे में फैसला लेंगे। अफजाल ने कहा कि अब कौमी एकता दल का समाजवादी पार्टी में विलय नहीं होगा बल्कि गठबंधन होगा। समाजवादी पार्टी के टिकट पर गाजीपुर से सांसद रह चुके अंसारी ने बताया कि वह पिछले करीब 15 दिन से बुखार के कारण दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती थे और मुलायम सिंह यादव ने फोन कर उनका हालचाल पूछा था। अंसारी को कल ही एम्स से छुट्टी मिली है। 

रद्द करना पड़ा था विलय
इससे पहले समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश की सरकार में मंत्री शिवपाल यादव की पहल पर बीते 21 जून को कौमी एकता दल का समाजवादी पार्टी में विलय कर दिया गया था, मगर इसे लेकर सत्ताधारी दल में अन्तर्विरोध पैदा होने के बाद पार्टी के संसदीय बोर्ड ने इस विलय को रद्द कर दिया था। हालांकि बाद में 15 अगस्त को मुलायम ने एक कार्यक्रम में शिवपाल की खुली तरफदारी की और पार्टी के अंदर शिवपाल के खिलाफ साजिश होने के बारे में कहा। मुलायम के इस बयान के बाद मुख्तार की पार्टी के समाजवादी पार्टी में विलय को बहाल करने की अटकलों ने जोर पकड़ लिया था। 

मुख्तार अंसारी ने की शिवपाल से मुलाकात
अफजाल अंसारी के भाई और मऊ से विधायक मुख्तार अंसारी ने हाल में विधानभवन में शिवपाल यादव से मुलाकात की थी। कौमी एकता दल के समाजवादी पार्टी में विलय के सूत्रधार शिवपाल ही थे। इस मुलाकात के बाद मुख्तार ने कहा था कि समाजवादी पार्टी से गठबंधन पर दल के अध्यक्ष अफजाल अंसारी फैसला लेंगे। कौमी एकता दल का पूर्वी उत्तर प्रदेश के मुस्लिम मतदाताओं में खासा प्रभाव है। इसके फिलहाल दो विधायक हैं। 

पार्टी की हालत पहले से खराब
पूर्वी उत्तर प्रदेश के आजमगढ़, मऊ, बलिया और गाजीपुर में 38 में 32 सीटों पर इस वक्त समाजवादी पार्टी का कब्जा है। बाकी बची छह में से 3 सीटों पर बहुजन समाज मार्टी, दो पर कौमी एकता दल और एक पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक इस बार इन जिलों की ज्यादातर सीटों पर समाजवादी पार्टी की हालत कुछ ठीक नहीं है।

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