नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी में चल रहे मतभेद पर मुलायम सिंह यादव ने इंडिया टीवी को बताया कि सीएम अखिलेश यादव और शिवपाल यादव में कोई मतभेद नहीं है और मैंने सबसे मुलाकात कर ली है और सबकी बात समझ ली है। साथ ही उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।
इससे पहले पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव ने पत्रकारों से कहा कि 'परिवार में कोई कलह नहीं है। अगर कोई विवाद है तो वो दूर हो जाएगा'। रामगोपाल यादव ने कहा कि अगर अखिलेश को हटाने से पहले बात कर ली जाती तो अच्छा होता। .हालांकि रामगोपाल यादव ने समाजवादी पार्टी में किसी तरह के संकट से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि कुछ फैसले सीएम की हैसियत से अखिलेश अपनी मर्जी से लेते हैं..लेकिन ज्यादातर फैसले मुलायम सिंह यादव के कहने पर लिए।
बता दें कि अखिलेश यादव ने दो मंत्रियों- गायत्री प्रजापति (खनन) और राजकिशोर सिंह (पंचायती राज) को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया, जिसके बाद ये सभी राजनीतिक घटनाक्रम हुए। दोनों बर्खास्त मंत्री मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव के करीबी माने जाते हैं। फिर उन्होंने मुख्य सचिव दीपक सिंघल को हटा दिया। इसके बाद दिल्ली में मुलायम सिंह यादव के निर्देश पर अखिलेश यादव को सपा के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर शिवपाल को यूपी की कमान सौंप दी गई।
इसके बाद अखिलेश ने फिर पलटवार किया और शिवपाल को महत्वहीन विभाग देकर उनका कद छोटा कर दिया। लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग व राजस्व विभाग वापस लेकर उन्हें समाज कल्याण एवं भूमि परती विकास विभाग दे दिया था।
इसके बाद सैफई में शिवपाल ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि नेताजी का फैसला पत्थर की लकीर है। उसे कोई नहीं पलट सकता। नेताजी जो भी फैसला लेंगे, उसका हर हाल में पालन किया जाएगा। इसके बाद अखिलेश ने कहा था कि कुछ फैसले खुद से लिए, लेकिन ज्यादातर फैसले नेताजी के कहने पर लिए हैं।
अखिलेश ने कहा था कि आखिर परिवार में सब नेताजी की बात मानते हैं। मैंने भी नेता जी के कहने पर कई बातें मानी हैं लेकिन कुछ फैसले मैं अपने आप भी करता हूं। उन्होंने पार्टी में झगड़े की बात मानी थी, लेकिन परिवार में कलह की बात को उन्होंने नकारा था।
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