चेन्नई: तमिलनाडु में जारी राजनीतिक संकट के बीच राज्य के कार्यवाहक मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम ने शशिकला को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि वह राज्यपाल से मिलकर अपना इस्तीफा वापस लेंगे और सदन में अपना बहुमत साबित करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह बीजेपी के इशारे पर कुछ नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि जनता उन्हें पसंद करती है और उन्होंने दबाव में इस्तीफा दिया था।
पन्नीरसेल्वम ने आज यह भी घोषणा की कि दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता की मौत की जांच कराई जाएगी। ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमे) की महासचिव वी. के. शशिकला के खिलाफ मंगलवार देर शाम मोर्चा खोलने वाले पन्नीरसेल्वम ने बुधवार को इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि जयललिता की मौत की जांच के लिए सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के नेतृत्व में जांच आयोग का गठन किया जाएगा।
उन्होंने मंगलवार देर शाम एक नाटकीय घटनाक्रम में पत्रकारों से कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने इसके लिए शशिकला और पार्टी के कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं पर आरोप लगाए और उन्हें 'अवसरवादी' करार दिया। इससे पहले विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष पी. एच. पांडियान ने जयललिता को अस्पताल में भर्ती किए जाने की परिस्थितियों की जांच कराए जाने की मांग की थी।
पांडियान ने अपने आवास पर राज्यसभा के पूर्व सदस्य बेटे मनोज पांडियान के साथ एक पत्रकार वार्ता को संबोधित किया था।
मनोज पांडियान ने कहा, "जब मैं और 'तुगलक' के संपादक चो रामास्वामी जया टीवी के निर्देशक थे तब जयललिता ने हमसे अपना भय व्यक्त करते हुए कहा था कि उन्हें आशंका है कि यह गुट उन्हें जहर देकर मार सकता है।"
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