नई दिल्ली: माकपा ने आज कहा कि वैश्विक बाजार में तेल कीमतों में गिरावट से देश में लोगों को लाभ नहीं हो रहा क्योंकि सरकार बजट से पहले अपना राजस्व बढ़ाने की कोशिश कर रही है। माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने संसद के बाहर संवाददाताओं से कहा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल कीमतों में कमी आ रही है। ये दरें पूर्व की तुलना में एक तिहाई पर आ गयी हैं। लेकिन जब से नरेंद्र मोदी ने सत्ता संभाली है सरकार इसमें नौ बार वृद्धि कर चुकी है।
अत्यधिक आपूर्ति एवं अमेरिकी डालर में मजबूती से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम काफी नीचे आ गये हैं। इसका लाभ लोगों को नहीं देने का सरकार पर आरोप लगाते हुए माकपा नेता ने कहा, यह साफ हो गया है कि सरकार बजट से पहले अपना राजस्व बढ़ा रही है। कल फिर उत्पाद शुल्क में वृद्धि की गयी जिससे लोगों पर बोझ बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि लोग पहले ही बढ़ी हुई कीमतों से परेशान हैं और ऐसे में सरकार उन पर और बोझ बढ़ा रही है। हम इसका विरोध करेंगे। येचुरी ने कहा कि जब दुनिया में तेल की कीमतों में नरमी आ रही है कि भारत के लोगों को इसका लाभ मिलना चाहिए।
संसद में गतिरोध के मुद्दे पर उन्होंने कहा, मोदी सरकार ने अबतक सर्वदलीय बैठक नहीं बुलायी है। अगर भाजपा सोचती है कि कांग्रेस के साथ एक सहमति बनने से उसे मदद मिलेगी, यह अन्य राजनीतिक दलों को स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि संसद चलाने की जिम्मेदारी सत्तारूढ़ दल पर है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस दावे पर कि सीबीआई से विपक्षी दलों को निशाना बनाने को कहा गया है, माकपा नेता ने कहा, डीडीसीए में भ्रष्टाचार का आरोप है। इसीलिए उच्च स्तर पर जांच होनी चाहिए ताकि सचाई सामने आ सके। यह हमारी मांग है। अगर आरोप हैं, तो चीजों को साफ करने के लिये निश्चित रूप से जांच होनी चाहिए।
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