नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार के दो साल पूरा करने पर दिए इंटरव्यू में कहा है कि भारत सबका भला चाहता है लेकिन आतंकवाद से कोई समझौता नहीं कर सकता। पड़ोसी देशों से संबंध को लेकर सवाल पूछे जाने पर पीएम मोदी ने कहा कि वे चाहते हैं कि पड़ोसियों से उनके संबंध अच्छे रहे और इसके लिए उन्होंने कदम भी उठाए। पीएम मोदी ने अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल से कहा कि पाकिस्तान के साथ अच्छे रिश्ते बनाने के लिए ही वह लाहौर गए थे।
इंटरव्यू में पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ओबामा को अच्छा दोस्त बताते हुए कहा कि भारत आतंकवाद के मुद्दे पर किसी तरह का समझौता नहीं कर सकता। इंटरव्यू के दौरान मोदी ने कहा कि अमेरिका जाने का मौका इसलिए आया है क्योंकि ओबामा ने मार्च में मुझे इन्विटेशन भेजा था। जब मैं न्यूक्लियर समिट में गया था तब भी उन्होंने व्यक्तिगत रूप से मुझसे आग्रह किया था कि मैं अमेरिका आऊं।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि मेरे आग्रह पर वे भारत में दोबारा आए थे। मेरा स्वाभाविक दायित्व भी बनता है। हम दोनों के बीच दोस्ती भी ऐसी है कि हम एकदूसरे से बड़े हक से बात करते हैं। दूसरा, मेरे लिए बड़े गर्व की बात है कि यूएस कांग्रेस ने ज्वाइंट सेशन को संबोधित करने के लिए मुझे बुलाया है। अमेरिकी जनता के साथ बात करने का मौका मिल रहा है।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पीएम मोदी ने कहा कि इस पर लगाम के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं और मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने की कोशिश भी की गई। साथ ही व्यापार करना आसान भी बनाया गया। उन्होंने बताया कि धार सिर्फ उद्योगों के हित में नहीं होना चाहिए, धार मज़दूरों के हित में भी होनी चाहिए।
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