पाकिस्तान पर सख्त हुए PM मोदी, कहा- ‘PoK भी जम्मू-कश्मीर का हिस्सा’
नई दिल्ली: कश्मीर के हालात पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन में सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, ‘राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता लेकिन हमें जम्मू

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि सरकार जम्मू और कश्मीर में सभी वर्ग के लोगों की शिकायतों को संविधान के अनुरूप दूर करने को तैयार है, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि देश की अखंडता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर भी जम्मू कश्मीर का हिस्सा है। मोदी ने कश्मीर पर सर्वदलीय बैठक में पाकिस्तान के समर्थन वाले सीमा पार आतंकवाद को घाटी में अशांति की मूल वजह बताया। बैठक में कश्मीर में भाजपा की गठबंधन सहयोगी पीडीपी और विपक्षी दलों ने भी शिरकत की।
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चार घंटे तक चली बैठक के दौरान कुछ विपक्षी दलों ने सरकार से कहा कि वह घाटी के कुछ हिस्सों से अफ्सपा हटाने और पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगाने जैसे विश्वास बहाली उपाय तत्काल करे। गत आठ जुलाई को हिज्बुल आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद से कश्मीर में अशांति बनी हुई है। कश्मीर के हालात पर विचार के लिए बुलाई गई इस महत्वपूर्ण बैठक में यह सुझाव भी दिया गया कि हालात का जायजा लेने के लिए एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल कश्मीर का दौरा करे, लेकिन सरकार ने विपक्षी पार्टियों की मांगों पर कोई वादा नहीं किया।
मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि केन्द्र सरकार संविधान के बुनियादी सिद्धांतों के आधार पर स्थायी और शांतिपूर्ण समाधान के लिए वचनबद्ध हैं, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया, हम सभी इस राष्ट्रीय भावना से बंधे हैं कि देश की क्षेत्रीय अखंडता के साथ कोई समझौता नहीं हो सकता। प्रधानमंत्री ने कहा, हम संविधान के अंतर्गत सभी वर्गों की शिकायतें दूर करने को तैयार हैं। एक सप्ताह से भी कम समय में यह दूसरा मौका है जब मोदी ने राज्य की जनता की बात की है और वहां के सभी पक्षों के साथ बात करने की इच्छा जताई है।
उन्होंने इस मौके पर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और बलूचिस्तान में मानव अधिकारों के उल्लंघन के लिए पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया और कहा कि वहां होने वाले अत्याचारों के लिए उसे अन्तरराष्ट्रीय समुदाय को जवाब देना होगा। अपनी सरकार की कश्मीर नीति के मुख्य बिंदुओं को साझा करते हुए मोदी ने विदेश मंत्री से कहा कि वह विश्व के विभिन्न भागों में रहने वाले पाक अधिकृत कश्मीर के लोगों से संपर्क कर इलाके की दुर्दशा के बारे में जानकारी हासिल करें और फिर उसे अन्तरराष्ट्रीय समुदाय के साथ साझा करें।
सरकार के प्रयासों में राज्य के सामान्य लोगों तक पहुंच बनाना और कश्मीरी युवकों को राज्य की आर्थिक गतिविधियों में समाहित करना शामिल है। इस काम में सभी राजनीतिक दलों से समर्थन की मांग करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, जब दुनियाभर में आतंकवाद बढ़ रहा है और जब हम पड़ोसी देश द्वारा प्रायोजित आतंकवाद से घिरे हुए हैं, ऐसे में हमें इस लड़ाई में एक होना होगा। सरकार इसपर सभी विपक्षी दलों से रचनात्मक समर्थन की उम्मीद करती है।
मोदी ने दुष्वारियों के बावजूद हालात से सावधानी से निपटने के लिए मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की सरकार, जिसमें भाजपा भी सहयोगी है, की सराहना करते हुए कहा, मुझे पूरा विश्वास है कि राज्य सरकार के समर्पण और हमारे पूर्ण सहयोग के साथ हम जम्मू और कश्मीर में एक बार फिर सामान्य जीवन बहाल करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक भारतीय की तरह उन्हें भी राज्य के हालात पर गहरा दुख होता है। उन्होंने कहा कि यह दुखदायी है कि बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा रहे, घाटी में बड़ी मात्रा में सेब की पैदावार मंडियों तक नहीं पहुंच पा रही और सरकार जन कल्याण के कार्य नहीं कर पा रही।
प्रधानमंत्री ने कहा, जब भी लोग मरते हैं, चाहे नागरिक हों या सुरक्षाकर्मी, हम सभी को दुख होता है। मुझे उनके परिवारों के साथ पूरी हमदर्दी है। हम सभी घायलों को अच्छी स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने के लिए वचनबद्ध हैं और साथ ही घाटी में शांति बहाल करना चाहते हैं ताकि लोग सामान्य जीवन गुजार सकें। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को एक बार फिर याद करते हुए मोदी ने कहा कि उनकी सरकार वाजपेयी द्वारा दिखाए गए रास्ते का अनुसरण करेगी। उन्होंने इस संदर्भ में पूर्व प्रधानमंत्री की इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत के तहत बातचीत करने की पेशकश का जिक्र किया।