नई दिल्ली: मानव संसाधन विकास मंत्री का पदभार ग्रहण करने वाले प्रकाश जावड़ेकर ने आज कहा कि देश में शिक्षा क्षेत्र के सामने जो प्रमुख चुनौती है, वह शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना है कि यह सभी तक पहुंचे।
पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने कहा, शिक्षा के क्षेत्र में जो बड़ी चुनौती है, वह है उसका स्तर उंचा करना। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अहम है क्योंकि यह जीवन के लिए बुनियाद ढालती है और सर्वांगीण व्यक्तित्व का निर्माण करती है। हालांकि उनकी पूर्ववर्ती स्मृति ईरानी इस मौके पर नहीं पहुंचीं। ईरानी को कपड़ा मंत्रालय दिया गया है।
जावड़ेकर ने कहा कि वह पारिवारिक वजहों से इस मौके पर नहीं पहुंच पायी। कल उन्होंने ईरानी से भेंट की थी और उन्हें अपनी छोटी बहन बताया था। उन्होंने कहा था कि वह उनकी अच्छी पहलों को आगे ले जायेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य बस रोजगार नहीं है, यह उसका सह उत्पाद है।
उन्होंने कहा, शिक्षा का उद्देश्य जीवन के लिए बुनियाद डालना है जिसके आधार पर समाज का निर्माण होता है। यह शिक्षा क्षेत्र का कर्तव्य है और हम इस चुनौती को स्वीकार करते हैं। हमारा मिशन यह सुनिश्चित करना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सभी तक पहुंचे।
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