जयपुर: गुरुवार से शुरू होने वाला राजस्थान विधान सभा का आठवां सत्र हंगामेदार होने की संभावना है। सरकार जहां मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन योजना, कृषि क्षेत्र में बढी हुई बिजली दरों को वापस लेने, भामाशाह, निवेश को बढावा देने समेत अन्य विकास योजनाओं की उपलब्धियां गिनायेगी वहीं प्रतिपक्ष प्रदेश की बिगडती कानून एवं व्यवस्था, बढती बेरोजगारी, राजनीतिक बदले से की जा रहीं कथित कार्रवाईयों और जनविरोधी नीतियों को लेकर सरकार को कटघरे में खडा करने की कोशिश करेगा।
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राज्यपाल कल्याण सिंह कल सुबह 11 बजे अभिभाषण देंगे। अभिभाषण समाप्ति के बाद कार्य संचालन समिति की बैठक में सदन की बैठकों एवं सदन में लिये जाने वाले विधायी कार्यो को अन्तिम रूप दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जिनके पास वित्त विभाग भी है, आगामी वित्तिय वर्ष 2017-2018 का बजट पेश करेगी। मुख्यमंत्री की ओर से पेश किये जाने वाले बजट में अगले साल के अंत में होने वाले विधान सभा चुनाव की छाया नजर आने की पूरी संभावना है।
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दो सौ सदस्यों वाली विधान सभा में मौजूदा समय 199 सदस्य है जबकि एक सीट बसपा विधायक बी एल कुशवाहा को एक आपराधिक मामले में सजा होने के कारण सदस्यता समाप्त कर दिये जाने के कारण रिक्त है।
संसदीय कार्य मंत्री राजेन्द्र राठौड ने प्रतिपक्ष द्वारा सदन में बेवजह का शोरशराबा कर सदन की कार्यवाही में अवरोध पैदा करने की आशंका जतायी है वहीं नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने सरकार को हर मोर्चे पर विफल रहने, प्रदेश की बिगडी कानून व्यवस्था, किसानों की अनदेखी, दलितों, महिलाओं पर बढते अत्याचार, राजनीतिक बदले की भावना से की जा रहीं कथित कार्यवाहियों को लेकर सरकार को घेरने की बात कही है।
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