लालू, नीतीश दलितों पर घडियाली आंसू बहा रहे: रामविलास
पासवान ने आरोप लगाया कि लालू और नीतीश प्रदेश में पूर्व में हुए नरसंहार में दलितों को न्याय दिलाने के बजाए गुजरात की घटना पर उनको लेकर घडियाली आंसू बहाकर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने के प्रयास कर रहे हैं।

पटना: लोजपा प्रमुख और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने रविवार को आरोप लगाया कि बिहार की महागठबंधन सरकार में शामिल राजद प्रमुख लालू प्रसाद और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रदेश में हुए नरसंहार में दलितों को न्याय दिलाने के बजाए गुजरात की घटना पर उनको लेकर घडियाली आंसू बहाकर अपनी राजनीतिक रोटी सेकने के प्रयास कर रहे हैं।
पटना स्थित लोजपा के प्रदेश कार्यालय में पार्टी के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष चिराग पासवान, सांसद रामचंद्र पासवान और लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस के साथ संवाददाताओं को संबोधित करते हुए रामविलास ने हाल में बिहार के मुजफ्फरपुर, दरभंगा और किशनगंज में दलितों पर हुए अत्याचार की घटना की चर्चा करते हुए आरोप लगाया कि लालू और नीतीश प्रदेश में पूर्व में हुए नरसंहार में दलितों को न्याय दिलाने के बजाए गुजरात की घटना पर उनको लेकर घडियाली आंसू बहाकर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने के प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि लालू प्रसाद के राज में बिहार में बाथे, मियांपुर और बथानी नरसंहार में 113 दलितों की जान गयी और निचली आदलत के आरोपियों को आजीवन कारावास दिए जाने के बावजूद नीतीश के कार्यकाल में पुलिस द्वारा साक्ष्य नहीं पेश किए जाने पर पटना उच्च न्यायालय ने इन मामलों में आरोपियों को बरी कर दिया। रामविलास ने कहा कि गुजरात में घटी घटना (पांच दलितों की पिटाई) पर घडियाली आंसू और हाय तौबा मचाने वाले लालू और नीतीश को पहले यह जवाब देना चाहिए कि इतनी संख्या में दलितों का नरसंहार करने वाले आरोपियों को कैसे सजा नहीं हो पाई।
उन्होंने लालू प्रसाद और नीतीश कुमार पर ओछी राजनीति करने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे नीतीश कुमार से आग्रह करेंगे कि पहले वे बिहार में दलितों को न्याय दिलाएं और यहां की कानून व्यवस्था को दुरूस्त करें ताकि दलितों पर हो रहे अत्याचार रुक सके। रामविलास ने कहा कि चाहे वह गुजरात या देश के अन्य भागों में दलितों के साथ जो भी घटनाएं घटी हैं उसकी लोजपा कडे शब्दों में निंदा करती है पर उससे भी जघन्य घटना बिहार में घटित हो रही हैं। लेकिन राजद प्रमुख लालू प्रसाद और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इसको लेकर राजनीति करने में जरा भी शर्म महसूस नहीं होती।
उन्होंने राजद प्रमुख लालू प्रसाद के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने मंत्रियों को गाय पालने का सुझाव दिए जाने पर कहा कि नीतीश कुमार को उन्हें बतलाना चाहिए कि सांसदों वाले इलाके में दिल्ली में गौ पालन पर प्रतिबंध है। ऐसा वे पहले बिहार के मंत्रियों को करने के लिए क्यों नहीं कहते। रामविलास ने आरोप लगाया कि बिहार में हाल में 90 विधि अधिकारी की बहाली की गई पर इस पद के लिए एक भी दलित को इस लायक नहीं समझा गया।
रामविलास ने आरोप लगाया कि बिहार में महागठबंधन सरकार के कार्यकाल के दौरान अपराधियों के हौसले बढ़े हुए है और इनके राज्य में कहीं भी लोगों का जीवन सुरक्षित नहीं है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार के बाहर जाकर शराबबंदी की बात कर रहे हैं। उन्होंने नीतीश कुमार पर शराबबंदी को लेकर नौटंकी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी यह नौटंकी का हौव्वा समाप्त हो चुका है और पूरे देश में इसकी निंदा होनी शुरू हो गई है क्योंकि यह हाथी के दांत देखने के अलग और खाने के अलग को चिरितार्थ करती थी।
रामविलास ने बिहार में शराबबंदी केवल दिखावा के लिए होने का आरोप लगाते हुए कहा कि जदयू के सभी विधायक और नेता छुपकर शराब का सेवन कर रहे हैं तथा नीतीश कुमार बाहर में शराबबंदी का ढिंढोरा पीट रहे हैं। नीतीश एक तरफ पूरे देश में शराबबंदी की बात कर रहे हैं वहीं बिहार में इसके उत्पादन का लाईसेंस दे रखा है।
रामविलास ने आरोप लगाया कि लोगों की आम समस्या नजर अंदाज करते हुए तथा बिगडती कानून व्यवस्था पर पर्दा डालने के लिए नीतीश शराबबंदी का ढिंढोरा पीट रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात में घटित घटना की हम सभी ने उसकी निंदा की। प्रधानमंत्री स्वयं दुखी थे और आजादी के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि बिना किसी के मांग के इस मामले में त्वरित निष्पादन के लिए विशेष न्यायालय का गठन कर दिया गया।