नई दिल्ली: मुंबई कांग्रेस प्रमुख संजय निरूपम मुसीबत में घिरते नजर आ रहे हैं। पार्टी आलाकमान ने पार्टी जर्नल में जवाहरलाल नेहरू की आलोचना करने और सोनिया गांधी के पिता को फासीवादी सैनिक करार देते हुए लिखे गए लेखों के मुद्दे पर उनसे जवाब तलब किया है। वरिष्ठ नेता ए के एंटनी की अध्यक्षता वाली कांग्रेस की अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति ने इस विवाद को लेकर निरूपम को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
समिति सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस दर्शन में प्रकाशित लेखों को लेकर निरूपम से कुछ ही दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है। गुलाम नबी आजाद और सुशील कुमार शिंदे समिति के सदस्य जबकि मोतीलाल वोहरा इसके सदस्य सचिव हैं। इस विवाद से शर्मसार हुई कांग्रेस ने पिछले महीने मुंबई में अपने मुखपत्र से दूरी बना ली थी क्योंकि इसमें प्रकाशित कुछ लेखों में नेहरू की कश्मीर नीति की आलोचना की गयी थी और आरोप लगाया गया था कि सोनिया के पिता एक फासीवादी सैनिक थे।
संपादकीय से नाराज पार्टी ने मुखपत्र के संपादक और निरूपम को इस गलती के लिए माफी मांगने को मजबूर किया। मुखपत्र की संपादकीय विषय वस्तु को देखने वाले सुधीर जोशी को पद से हटा दिया गया। पार्टी की मुंबई ईकाई के जर्नल में लिखे लेख में कश्मीर, चीन और तिब्बत के हालात के लिए नेहरू पर दोष मढ़ा गया था और एक अन्य लेख में सोनिया गांधी के बारे में विवादित टिप्पणियां की गयी थीं। संयोग से ये लेख पार्टी के 131वें स्थापना दिवस के मौके पर आए थे।
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