नई दिल्ली: सीवान के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन को 11 साल पुराने बिहार के चर्चित तेजाब हत्याकांड में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। बाकी चार आरोपियों को भी कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। 2004 में सीवान के 2 व्यवसायियों की हत्या मामले में RJD के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन को दोषी करार दिया गया था। शहाबुद्दीन पर 302, 201, 364ए व 120 बी के तहत शहर के व्यवसायी चंद्रकेश्वर प्रसाद उर्फ चंदा बाबू के दो पुत्रों गिरीश राज व सतीश राज का अपहरण कर तेजाब से नहलाकर हत्या करने व साक्ष्य मिटाने का आरोप लगाया गया।
रोंगटे खड़े कर देने वाली ये वारदात 16 अगस्त 2004 की है। बताया जाता है कि नगर थाने के यादव मार्केट निवासी व्यवसायी चंद्रकेश्वर प्रसाद उर्फ चंदा बाबू के दो बेटों गिरीश कुमार उर्फ निक्कु (24 वर्ष) और सतीश कुमार उर्फ सोनू (18 वर्ष) का उनकी अलग-अलग दुकानों से दिनदहाड़े अपहरण कर लिया गया था और हुसैनगंज थाने के प्रतापपुर में शहाबुद्दीन व उनके साथियों ने तेजाब से नहला कर दोनों भाइयों की हत्या कर शवों को गायब कर दिया था।
इस मामले में मृतकों की मां कलावती देवी के बयान पर मुफस्सिल थाने में अभियोग पंजीकृत हुआ। इसमें राजकुमार साह, शेख असलम, मोनू मियां उर्फ सोनू उर्फ आरिफ हुसैन नामजद थे। मुकदमे के अनुसंधान के दौरान सीवान के तत्कालीन राजद सांसद शहाबुद्दीन पर घटना का षड्यंत्र रचने का मामला सामने आया। इस मुकदमे में विशेष कोर्ट ने चार जून, 2010 को षड्यंत्र व अपहरण का आरोप गठित किया। न्यायिक प्रक्रिया के दौरान ही मृतकों के भाई व घटना के चश्मदीद गवाह राजीव रोशन की हत्या 16 जून, 2014 को हो गयी। इस मामले में भी शहाबुद्दीन व उनके बेटे ओसामा को आरोपित बनाया गया है. ओसामा अभी फरार है।
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