नई दिल्ली: जनता दल युनाइटेड (JDU) प्रमुख शरद यादव ने सोमवार को पार्टी का अध्यक्ष पद छोड़ दिया। इसी के साथ उनका एक दशक से भी अधिक समय तक का पार्टी अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त हो गया। पार्टी के सूत्रों ने कहा, "इस समय बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पार्टी अध्यक्ष पद के लिए सबसे उपयुक्त हैं। सबसे अधिक संभावना यही है कि उन्हें यह जिम्मेदारी दी जाएगी।"
वर्ष 2003 में जब पार्टी का गठन हुआ, उसके बाद से शरद यादव लगातार तीन बार पार्टी प्रमुख रहे। जदयू प्रवक्ता के. सी. त्यागी ने कहा, "शरद यादव ने पार्टी का अध्यक्ष पद छोड़ने का निर्णय लिया है क्योंकि पार्टी के संविधान में चौथे कार्यकाल का कोई प्रावधान नहीं है।" त्यागी ने कहा कि इससे पहले यादव को तीसरी बार अध्यक्ष बनाए रखने के लिए पार्टी के नियमों में संशोधन किया गया था, क्योंकि तीसरे कार्यकाल के लिए भी कोई प्रावधान नहीं था। जद-यू का अगला अध्यक्ष कौन होगा, इस बारे में उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
ऐसी अटकलें हैं कि नीतीश कुमार खुद पार्टी प्रमुख का दायित्व संभाल सकते हैं क्योंकि वह पार्टी के आधार को बिहार से बाहर फैलाना चाहते हैं। इसके तहत जदयू के साथ अजीत सिंह की रालोद और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी नीत झारखंड विकास मोर्चा के विलय की चर्चा है। शरद यादव के करीबी सू़त्रों ने बताया कि उन्होंने नीतीश कुमार को अपने रूख से अवगत करा दिया है कि 10 वर्षो तक पार्टी का नेतृत्व करने के बाद अब वे इस पद पर बने रहने को उत्सुक नहीं हैं और किसी नये व्यक्ति को यह दायित्व सौंपा जाए।
नीतीश कुमार के सहयोग से शरद यादव 2006 में पहली बार उस समय जदयू अध्यक्ष बने थे जब जार्ज फर्नाडिस पार्टी के शीर्ष पर थे। इसके बाद यादव 2009 और 2013 में भी जदयू अध्यक्ष पद के लिए चुने गए।
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