लखनऊ: प्रदेश अध्यक्ष का पद संभालते ही शिवपाल यादव ने आज रामगोपाल यादव के भांजे को पार्टी से 6 साल के बाहर का रास्ता दिखा दिया। रामगोपाल यादव के भांजे अरविन्द यादव फिलहाल MLC हैं। अरविन्द यादव पर मुलायम सिंह के खिलाफ अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल के आरोप के साथ ही अवैध शराब के कारोबार और जमीन पर कब्जे का भी आरोप है।
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प्रदेश अध्यक्ष बनते ही शिवपाल यादव पूरे एक्शन में नजर आ रहे हैं। रविवार के दिन शिवपाल यादव लखनऊ के पार्टी ऑफिस पहुंचे, पार्टी दफ्तर में कार्यकर्ताओं से बातचीत में शिवपाल ने गुटबाजों को बाहर करने की बात कही और जैसे ही शिवपाल दफ्तर से घर पहुंचे उनकी इस बात का मतलब पता चल गया था। शिवपाल यादव ने पार्टी के थिंकटैक माने जाने वाले रामगोपाल यादव के भांजे अरविन्द यादव पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हे बाहर का रास्ता दिखा दिया।
क्यों निकाले गए अरविन्द यादव?
- अरविन्द यादव सपा के टिकट पर एमएलसी हैं
- अरविन्द पर सपा सुप्रीमों के लिए अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल का आरोप
- अरविन्द पर पार्टी विरोधी काम करने का भी आरोप
- कई बार मिली थी अवैध शराब और प्रॉपर्टी पर कब्जे की शिकायत
अरविंद यादव रामगोपाल यादव की बहन गीता देवी के बेटे हैं। अरविंद यादव ने 2006 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा और मैनपुरी के करहल ब्लॉक में ब्लॉक प्रमुख के पद पर चुने गए। फरवरी 2016 में विधान परिषद के लिए सपा की ओर से भेजे गए उम्मीदवारों की लिस्ट में अरविंद यादव का भी नाम शामिल था। उन्हें एटा-मथुरा-मैनपुरी सीट से टिकट दिया गया था।
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