भोपाल: कोरोना वायरस संकट के बीच मध्य प्रदेश के सियासी हलके से बड़ी खबर सामने आ रही है। शिवराज सिंह चौहान आज रात 9 बजे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनका शपथ ग्रहण समारोह समान्य तरीके (बड़ा कार्यक्रम नहीं होगा) से राजभवन में होगा। यह चौथा मौका है, जब शिवराज सिंह चौहान राज्य के मुख्यमंत्री बनेंगे। इससे पहले वह तीन बार लगातार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। वह 2005 से 2018 तक लगातार सीएम रहे थे।
लेकिन, 2018 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को बहुमत नहीं मिला और वह सरकार नहीं बना पाई। ऐसे में कांग्रेस ने राज्य में गठबंधन की सरकार बनाई और कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाया। हालांकि, अब कमलनाथ अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं और आज रात 9 बजे एक बार फिर से शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं। उनके फिर सीएम बनने पर मध्य प्रदेश के इतिहास में यह पहला मौका होगा, जब कोई चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेगा।
आज शाम होने वाली विधायक दल की बैठक में शिवराज सिंह चौहान का नाम तय होगा। केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे और महामंत्री तथा सांसद अरुण सिंह इस बैठक में शामिल रहेंगे। माना जा रहा था कि इस बार शिवराज के साथ-साथ नरेंद्र सिंह तोमर और नरोत्तम मिश्रा के नाम की भी चर्चा थी। लेकिन, अंत में भाजपा आलाकमान ने शिवराज सिंह चौहान के नाम पर ही मुहर लगाई।
खबर है कि आज सिर्फ शिवराज सिंह चौहान ही शपथ लेंगे। उनके बाकि मंत्रियों को बाद में शपथ दिलाई जाएगी। कोरोना वायरस के कारण बड़ा समारोह नहीं किया जाएगा। बता दें कि शिवराज सिंह को चौधी बार मुख्यमंत्री बनने का मौका तब मिला जब कांग्रेस के पूर्व नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा में शामिल हुए और उनके समर्थक 22 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया। इन विधायकों के इस्तीफे के साथ ही राज्य की कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई।
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