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SP के 25 साल पूरे होने पर शक्ति प्रदर्शन शुरू, लालू, शरद, देवेगौड़ा मंच पर

आगामी विधान सभा चुनाव के लिए बीजेपी के ख़िलाफ़ बिहार की तर्ज़ पर गठबंधन बनाने की सुगबुगाहट के बीच आज यहां समाजवादी पार्टी के 25 साल पूरे होने पर लखनऊ में रजत जयंती समारोह शुरू

Akhilesh , Lalu - India TV Hindi
Akhilesh , Lalu

आगामी विधान सभा चुनाव के लिए बीजेपी के ख़िलाफ़ बिहार की तर्ज़ पर गठबंधन बनाने की सुगबुगाहट के बीच आज यहां समाजवादी पार्टी के 25 साल पूरे होने पर लखनऊ में रजत जयंती समारोह शुरू हो गया है। समारोह में लालू प्रसाद यादव, शरद यादव और एचडी देवेगौड़ा मौजूद हैं। इनकी मौजूदगी से पिछले कुछ दिनों से चल रही महागठबंधन की कयासबाज़ी एक बार फिर तेज हो गई है।

मंच पर जहां मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लालू यादव के पैर छुए वहीं अपने चाचा शिवपाल यादव से भी गर्मजोशी दिखाई। समारोह के पहले होटल में कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत किशोर से भी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बात की। 

समारोह में पहुंचे लालू यादव ने कहा कि जैसे बिहार से बीजेपी को खदेड़ा था, वैसे ही यहां से भी खदेड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यूपी में फिर से एसपी की ही सरकार बनेगी। वहीं शरद यादव ने कहा कि महागठबंधन को लेकर कोई बात नहीं हुई है, आगे क्या होता है, देखते हैं। पूर्व पीएम देवेगौड़ा ने भी अभी महागठबंधन की बात से इनकार किया। 

सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव भी मंच पर पहुंचे और सभी नेताओं के साथ हाथ ऊपर उठाया. वहीं लालू यादव ने अखिलेश और शिवपाल यादव के हाथ पकड़कर हवा में उठाए, इस दौरान अखिलेश ने चाचा शिवपाल के पैर भी छुए।

रजत जयंती समारोह लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में हो रहा है जिसे एशिया के सबसे बड़े पार्क में से एक कहा जाता है। समारोह शुरू होने से पहले खुद शिवपाल यादव ने मौके पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। पार्टी की 25वीं सालगिरह को यादगार और शानदार बनाने के लिए मुलायम सिंह यादव ने अपनी पूरी ताकत लगाई है। 

रजत जयंती समारोह ऐसे मौके पर हो रहा है जब पार्टी से लेकर परिवार में घमासान मचा हुआ है और कहा जा रहा है कि शिवपाल यादव और अखिलेश यादव के बीच शक्ति प्रदर्शन की होड़ है। मुलायम सिंह यादव 25वीं सालगिरह किन परिस्थितियों में मना रहे हैं इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि समारोह की पूरी जिम्मेदारी उसी गायत्री प्रजापति को दी गई है जिसे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बिल्कुल पसंद नहीं करते और अपने मंत्रिमंडल से बाहर निकाल चुके थे। पार्टी के जिन युवा नेताओं ने अखिलेश यादव की रथयात्रा के पीछे अपनी पूरी ताकत लगाई वह सब पार्टी के बाहर हैं और पार्टी के रजत जयंती समारोह में उनको नहीं बुलाया गया है।

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