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'मेरा नाम स्मृति ईरानी है, चुनौती देती हूं कि मेरी जाति बता कर देखो'

नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दूसरे दिन राज्यसभा और लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ। रोहित वेमुला और जेएनयू मामले को लेकर खूब बहस हुई कई बार सदन की कार्यवाही बाधित हुई। पहले राज्यसभा

smriti irani- India TV Hindi
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नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दूसरे दिन राज्यसभा और लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ। रोहित वेमुला और जेएनयू मामले को लेकर खूब बहस हुई कई बार सदन की कार्यवाही बाधित हुई। पहले राज्यसभा में आज जबर्दस्त रण देखने को मिला। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी और बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती एक-दूसरे के आमने-सामने थीं और दोनों में जमकर तू-तू-मैं-मैं हुई। वहीं, शाम को लेकसभा में स्मृति इमोशनल हो गई।

स्मृति ने रोहित वेमुला की मौत और जेएनयू में लगे देशद्रोह के नारों से जुड़े हर आऱोप का बेबाकी से और जबरदस्त जवाब दिया। पार्लियामेंट के इतिहास मे ऐसे भाषण कम सुनने को मिलते हैं। रोहित वेमुला की बात करते हुए हुए स्मृति ईरानी लोकसभा में भावुक हो गईं। स्मृति ईरानी ने कहा कि उन्होंने रोहित वेमुला केस को कभी जाति की नज़र से नहीं देखा। कभी दलित या गैर दलित की नजर से नहीं देखा। स्मृति ईरानी ने कहा कि जो जन्म देती है उस पर अगर खून का इल्जाम लगे तो चोट अंदर तक लगती है। स्मृति ईरानी के भाषण पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट करके कहा है सत्यमेव जयते। यानि सत्य की जीत होती है।
 
लोकसभा में स्मृति ईरानी का इमोशनल और जोरदार भाषण-

  • हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्र रोहित वेमुला की खुदकुशी मामले को लेकर अपने ऊपर लगे कांग्रेस के आरोपों पर स्मृति ईरानी ने कहा, 'मैंने बच्चे की बात की, छात्र की बात नहीं की। मेरा नाम स्मृति ईरानी है..चुनौती देती हूं कि मेरी जाति बता कर देखो। मैं आक्रोशित हूं कि जिस पर मारने का इल्जाम लगाओ तो वो अंदर से टूट जाता है।'
  • स्मृति ईरानी ने कहा कि रोहित वेमुला केस में उन्होंने अपना कर्तव्य ठीक से निभाया है और उसके लिए वो माफी नहीं मांगेगी। स्मृति ईरानी ने कहा कि कर्तव्य निभाने के बदले उन्हें सूली पर लटकाया जा रहा। स्मृति ने पूछा कि अमेठी से चुनाव लड़ने की ये सज़ा मिलेगी।
  • राहुल गांधी पर जोरदार हमला करते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि राहुल गांधी सिर्फ राजनीति करने के लिए हैदराबाद यूनिवर्सिटी गए। उन्होंने सवाल किया कि तेलंगाना आंदोलन में जब छात्रों की मौत हो रही थी तब राहुल उनके घर क्यों नहीं गए।
  • ईरानी ने कहा, 'आप अपने राजनीतिक अनुभव से बता सकते हैं कि क्या राहुल गांधी हैदराबाद यूनिवर्सिटी दोबारा गए? कभी नहीं गए...तेलंगाना आंदोलन में 600 छात्रों की मौत हुई। क्या वो छात्रों के घर गए..वो नहीं गए लेकिन रोहित वेमुला के मामले में वो राजनीतिक अवसर देख रहे हैं। रोहित ने अपने सुसाइड नोट में कहा है कि कोई भी उसकी मौत का जिम्मेदार नही है लेकिन इस मौत को अपने-अपने राजनीतिक चश्मे से देखा गया यही दुखद है।'
  • स्मृति ईरानी के भाषण में जब विपक्ष शोर शराबा करने लगा तो उन्होंने कहा कि वो विपक्ष की तरह गलत दावा नहीं करती और माइक्रो मायनॉरिटी फैमिली से ताल्लुक रखने पर भी इसका फायदा उठाने की बात नहीं करती। स्मृति ने कहा, 'धैर्य रखिए..आप हम पर असहिष्णुता का आरोप लगाते हैं। कृपया सहिष्णु हो जाईए यहां मैं अपना जवाब दे रही हूं या फिर मैं अपने परिस्थितियों को ढाल बनाऊं और कहूं कि मैं माइक्रो माइनॉरिटी परिवार से ताल्लुक रखती हूं। मैं एक महिला हूं और इस तरह आप मुझे बोलने से नहीं रोक सकते। आप अपनी राजनीति मेरे साथ न करें। मुझे अपना जवाब दे लेने दीजिए।'
  • स्मृति ईरानी के निशाने पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसी राव भी थे। उन्होंने कहा कि जब रोहित के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को फोन किया तो वो फोन पर नहीं आए। रोहित को समय से हॉस्पिटल नहीं ले जाया गया। एचआरडी मिनिस्टर ने कहा, 'केसीआर को मैंने फोन किया। कहा साहब बिजी है। बात नहीं हुई...उनकी बेटी से भी बात हुई..राजनीति नहीं की..सार्वजनिक बयान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि रोहित को अस्पताल नहीं ले जाया गया। उसकी बाडी का पॉलिटिकल टूल की तरह इस्तेमाल हुआ। अगली सुबह 6.30 बजे तक हास्टल में पुलिस नहीं पहुंची।
  • स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के नेताओं को तल्ख लहजे में कहा कि आपके परिवार के लोगों की सिफारिशी चिट्ठी भी मेरे पास है। आप की सिफारिशी चिट्टी पर मैं एडमिशन करवाती हूं उस वक्त आप क्यों ये नहीं कहते कि मैं सिफारिश की चिट्ठी लिखती हूं। कांग्रेस को घेरते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस नेता हनुमंत राव ने हैदराबाद यूनिवर्सिटी के खिलाफ कई लैटर लिखे। इन लैटर के आधार पर कई बार यूनिवर्सिटी से सवाल पूछे गए लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

आगे की स्लाइड में पढ़िए असदुद्दीन ओवैसी को लेकर क्या कहा-

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