नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी सरकार पर बड़ा हमला करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज आरोप लगाया कि वह संस्थानों को अस्थिर कर रही है, समाज का धु्रवीकरण कर रही है और लोगों पर अपनी संकुचित मानसिकता थोपने के लिए अपने संसदीय बहुमत का गलत इस्तेमाल कर रही है। संसद में जारी मानसून सत्र में कांग्रेस के संसदीय दल की पहली बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने सरकार पर झूठ बोलने और मार्केटिंग स्लोगन देने का आरोप लगाया।उन्होंने गुजरात में हुई एक घटना की ओर इंगित किया जिसमें राज्य में चार दलितों की सार्वजनिक रूप से पिटाई और उनका अपमान किया गया था और कहा कि मोदी सरकार दलितों तथा आदिवासियों से उनके अधिकार छीन रही है। गुजरात की इस घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, यह तो महज एक उदाहरण है कि यह सरकार किस तरह सामाजिक आतंक को हवा दे रही है।
सोनिया ने कहा, बीते कुछ महीनों में हमने देखा है कि संस्थानों को अस्थिर करने और समाज का धु्रवीकरण करने की मोदी सरकार की योजना किस तरह संवैधानिक मूल्यों को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने आगे कहा, मोदी सरकार हमारे लोगों पर अपनी मानसिकता थोपने के लिए अपने संसदीय बहुमत का गलत इस्तेमाल कर रही है। ऐसा लगता है कि सरकार यह भूल गई है कि संसदीय बहुमत कभी भी संविधानवाद और इसके आदर्शों का पालन करने से रोकने की वजह नहीं बन सकता है। गांधी ने कश्मीर घाटी के हालात का जिक्र भी किया जहां हिज्बुल आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद बीते 11 दिन से चिंताजनक हालात बने हुए हैं। यहां हुई झड़पों में अब तक 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
सोनिया गांधी ने कहा, घाटी में हाल में हुई घटनाएं दुखदायी हैं।
इन्होंने देश के सामने गंभीर खतरा पेश किया है। राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं हो सकता। आतंकवादियों के साथ कड़ाई से निबटना होगा। लेकिन हमें खुद से यह तो पूछना ही होगा कि ऐसी क्या बात है कि युवा इस हद तक हिंसा पर उतारू हो गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा, मोदी सरकार की विदेश नीति और प्रधानमंत्री के लगातार होते विदेश दौरे, दुनियाभर के नेताओं से उनके दोस्ताना संबंध, जन्मदिन पर तात्कालिक फोन कॉलों के बीच कोई संबंध नजर नहीं आता। पाकिस्तान को लेकर मोदी सरकार की विदेश नीति एक सीमा से दूसरी सीमा के बीच झूलती रहती है। ऐसा लगता है कि हमारी सरकार सुरक्षा और प्रतिरक्षा के मसले पर देश का रूख लगातार बदल रही है और उन नीतियों से पूरी तरह से अलग हो रही है जो वक्त के साथ सही साबित हुई है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार भाई-भतीजावाद को बढ़ावा दे रही है और निर्णय लेने की उसकी प्रक्रिया अपारदर्शी है जिसका देश की अखंडता पर असर पड़ रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार पर झूठ फैलाने का भी आरोप लगाया और कहा कि वह उपलब्धियों के बुलबुले बना रही है।
सोनिया ने रोजगार निर्माण, आयात और कीमतों पर सरकार के रिकॉर्ड पर सवाल उठाते हुए कहा, झूठ बोलना इस सत्तारूढ़ पार्टी के लिए कोई नई बात नहीं है। आंकड़ों को दरकिनार करने, गलत दावों का प्रचार करने और विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर आधारहीन आरोप लगाने में वह दक्ष है। सत्ता में उन्हें दो साल पूरे हो गए हैं लेकिन वह उपलब्धियों के बुलबुले बना रही है। उनकी असल उपलब्धि क्या है? सरकार को अच्छा मार्केटियर विक्रेता बताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, हमारे सामने एक ऐसी सरकार है जो मार्केटिंग के दिखावटी कार्यक्रमों, मार्केेटिंग नारों, रिपैकेजिंग, दिखावट और बढ़ा-चढ़ाकर बताने में माहिर है। हम भले ही संख्या में कम हों लेकिन हम अपने काम से पहचान बनाऐंगे और संसद के जरिए जवाबदेही की मांग करते रहेंगे।
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