लखनऊ /आजमगढ़: उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच छिड़ा संग्राम थमने का नाम नहीं ले रहा। सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ में छह अक्टूबर को होने वाली रैली में तीन लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन इसके पहले ही आजमगढ़ में सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव का विरोध शुरू हो गया है। आजमगढ़ में समाजवादी छात्र सभा जिलाध्यक्ष आशीर्वाद ने अपने करीब छह पदाधिकारियों के साथ बुधवार को इस्तीफा दे दिया।
सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव छह अक्टूबर को आजमगढ़ में चुनावी रैली करने वाले हैं। पार्टी यहीं से चुनावी रैलियों की शुरुआत करती रही है। लेकिन इस बार बसपा अध्यक्ष मायावती पहले ही आजमगढ़ में रैली कर चुकी हैं, लिहाजा सपा के सामने बसपा की रैली से ज्यादा भीड़ जुटाने और घमासान के बाद पार्टी के एकजुट होने का संदेश देने की चुनौती है।
सपा प्रदेश कार्यालय में शिवपाल यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में हालांकि महासचिव व मंत्री अरविंद सिंह गोप, मंत्री बलराम यादव, पारसनाथ यादव, ओम प्रकाश सिंह, पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष राम आसरे विश्वकर्मा ने चुनावी तैयारी पर मंथन किया।
सपा के प्रदेश सचिव एस.आर.एस. यादव ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष ने रैली में ज्यादा से भीड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसमें 15 जिले के जिलाध्यक्षों, महानगर अध्यक्षों को रैली की तैयारियों में जुटने का निर्देश दिया गया है।
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